अंतरंग क्षण और वैवाहिक जीवन में इसके लाभ

वैवाहिक जीवन में कुछ अंतरंग क्षण ऐसे होते है जिन पर बात करने में या तो लोग हिचकते और झिझकते हैं या फिर उन विषयों के बारे में बात करना उचित नहीं मानते, परंतु यदि आप जान जाएँ कि अंतरंग क्षण बिताने के क्या फ़ायदे हैं तो शायद आप अपने वैवाहिक जीवन के इस सुखद एहसास का आनंद उठा पाएँ और स्वस्थ और आनंदमय जीवन जी पाएँ।

अपने साथी के साथ प्यार और विश्वास की बुनियाद पर टिके नियमित संबंध जो आपको भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक स्तर पर एक स्वस्थ और सुखद जीवन की अनुभूति करायें, उन्हें अंतरंग क्षण कहते हैं।

कुछ विशेषज्ञों के अनुसार जब पति पत्नी के बीच यह संबंध प्यार और स्नेह से जुड़ा हो, तो ही यह संबंध लाभकारी होता है और इसका दोगुना लाभ प्राप्त हो पाता है। प्यार का यह अनोखा मेल ही पति और पत्नी को अपूर्व आनंद देता है।

Antarang kshan - Intimate moments

अंतरंग क्षण के अदभुत लाभ

1. यह एक प्रकार का व्यायाम है

It’s a kind of exercise

आपको जान के यह शायद आश्चर्य हो लेकिन यह सच है कि सेक्स या सहवास या अंतरंग क्षण एक तरह का व्यायाम है। यह स्त्रियों के लिए बहुत लाभकारी भी है। 20 मिनट का सामान्य सहवास एक 66 किलो की महिला की 83 कैलोरी को जलाने की क्षमता रखता है। यानि यह 20 मिनट की धीमी गति के टहलने के बराबर असर करता है।

किसी भी व्यायाम के समान यौन उत्तेजना के दौरान सांस की गति बढ़ती है, जिससे शरीर को ज़्यादा ऑक्सीजन मिलती है, रक्त संचार बढ़ता है तथा कोलेस्ट्रॉल भी नियंत्रित होता है। इसमें धड़कन तेज़ होती है और नियमित सहवास से हृदय भी स्वस्थ रहता है।

2. अपार आनंद और तनाव से मुक्ति

Gives happiness and releases tension

यह बिलकुल सच है, अंतरंग क्षण में दो प्रेमी दिलों और उनके शरीर को अपार आनंद की अनुभूति होती है। सहवास से जहाँ अपार सुख मिलता है, वहीं दिन भर की थकान और तनाव भी मिनटों में गायब हो जाता है। जिन पत्नियों के पति अक्सर काम के सिलसिले में बाहर रहते है उनकी ग़ैर हाज़िरी में उनकी पत्नियां चिड़चिड़ी और तनावग्रस्त हो जाती हैं, लेकिन पति के लौटने पर उनके चेहरे पर फिर से रौनक लौट आती है।

3. चिरयुवा बनाता है

Makes you forever young

एक शोध में यह पाया गया कि जो दम्पति नियमित सहवास करते हैं वो ज़्यादा आकर्षक व युवा नज़र आते हैं। संतोषप्रद सहवास शरीर को हर प्रकार से लाभ देता है, जिससे दम्पति चिरयुवा हो जाते हैं।

वैवाहिक संबंध में सहवास वह मज़बूत आधार है जो वांछित भावनात्मक जुड़ाव को गहराई प्रदान करता है। जो दंपती सुखद वैवाहिक संबंध नही रख पाते या इन अंतरंग क्षणों का आनंद नहीं उठा पाते, वे केवल रूममेट बनकर ही रह जाते हैं, इनमें भीतरी जुड़ाव की कमी होती है। उनमें द्वेष और कलह भी ख़ूब पनपता है। जिससे दांपत्य जीवन में सुख और आनंद के जगह पर उलझने, तनाव और समस्याएँ उत्पन्न हो जाती हैं।

दाम्पत्य जीवन को सुखद पूर्ण बनाने के लिए स्नेह पूर्ण अंतरंग क्षण और सहवास को एक औषधि के रूप में माना जाता है।

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