unprotected sex hazards

असुरक्षित यौन संबंध असमय मृत्यु को न्यौता

असुरक्षित यौन संबंध मृत्‍यु की घंटी है या ऐसे कहें कि मृत्‍यु को निमंत्रण देना है। असुरक्षित यौन संबंधों से होने वाली बीमारियों की भयावहता से लगभग सभी परिचित है। स्‍वयंसेवी संस्‍थाओं से लेकर सरकार तक इसके बारे में वर्षों से सचेत कर रही है। लेकिन लोग प्रबल यौन इच्‍छाओं के वशीभूत हो असुरक्षित सेक्‍स में उतर जाते हैं और अपने जीवन के लिए ख़तरा मोल ले लेते हैं। असुरक्षित यौन संबंधों के चलते गंभीर बीमारियों ने अपना पैर फैलाना शुरू किया है, ऐसी बीमारियाँ जिनका कोई इलाज नहीं है। ख़ासतौर से एड्स जैसे भयानक रोग इसी की उपज हैं। इसके अलावा भी अनेक बीमारियाँ असुरक्षित यौन संबंध रखने से हो जाती हैं और व्‍यक्ति का रक्‍त व वीर्य संक्रमित हो जाता है और जीवन के लिए ख़तरा पैदा हो जाता है। इसलिए यौन संबंधों में सावधानी बरतना ज़रूरी है।

असुरक्षित यौन संबंध के नुकसान

एड्स – एक नज़र

एचआइवी यानी एड्स एक जानलेवा रोग है। यह कोई एक निश्चित रोग नहीं है, एड्स से पीडि़त व्‍यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता समाप्‍त हो जाती है। ऐसी स्थिति में कोई भी रोग यदि उसे हो गया तो कोई दवा उसे ठीक नहीं कर पाती। यदि व्‍यक्ति को एड्स है और उसे खांसी आने लगी तो खांसी से ही उसकी मौत हो जाती है, खांसी ठीक नहीं हो पाती। भारत में 1996 में एड्स का पहला मामला प्रकाश में आया था। 2014 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 15 से 20 लाख लोग एड्स से पीड़ित हैं। 2011 से 2014 के बीच प्रतिवर्ष एड्स से मरने वालों संख्‍या प्रतिवर्ष डेढ़ लाख रही है।

सावधानी बरतें

– ज़ोर-जबरदस्‍ती के सेक्‍स से बचें। ऐसे में सुरक्षा उपयों का ध्‍यान नहीं रह जाता और व्‍यक्ति असुरक्षित यौन संबंध में उतर जाता है।

– माहवारी के दौरान सेक्‍स न करें। इस दौरान सेक्‍स करने से संक्रमण का ख़तरा बढ़ जाता है।

– बहुत अधिक कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स का सेवन न करें।

– सेक्‍स वर्कर या अन्‍य दूसरी महिलाओं के साथ सेक्‍स करते समय कंडोम का इस्‍तेमाल ज़रूर करें।

– वर्तमान में समूह सेक्‍स व वाइफ़ स्‍वैपिंग का चलन संज्ञान में आ रहा है। एक-दूसरे के की महिला साथी को रात भर के लिए बदलने की प्रक्रिया को वाइफ़ स्‍वैपिंग कहते हैं। समूह सेक्‍स या वाइफ़ स्‍वैपिंग में एक तो शामिल नहीं होना चाहिए, संक्रमण का ख़तरा बना रहता है। यदि शामिल हो रहे हैं हैं तो सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन से पालन करें।

– ओरल सेक्स इंफ़ेक्‍शन की घंटी है। एक तो ओरल सेक्‍स करने से बचें, यदि नहीं बच रहे हैं तो साफ़-सफ़ाई विशेष ध्‍यान दें। वरना यह सं‍क्रमित कर सकता है।

असुरक्षित यौन संबंध से होने वाली बीमारियाँ

एड्स के अलावा गठिया, दिल की बीमारी, यादाश्‍त गायब हो जाना, आंखों में जलन, हेपेटाइटिस, कैंसर आदि भयानक रोग असुरक्षित यौन संबंध बनाने से हो सकते हैं। साथ ही जीवाणु जनित रोगों की प्रबल आशंका रहती है। गर्भावस्‍था के दौरान होने वाले इन रोगों से नवजात भी प्रभावित हो सकता है।

सुरक्षित यौन संबंध

चुंबन लेने, मालिश करने, हस्‍तमैथुन करने, कंडोम पहने महिला या पुरुष के साथ मुख मैथुन करने या कंडोम पहनकर गुदा या योनि मैथुन करने से ख़तरा नहीं रहता है।

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