पार्टनर से हर बात शेअर करने से पहले सोचें

दुनिया भर के एक्सपर्ट और काउंसिलिंग अनेक कपल्स को एक दूसरे के साथ अपने मन की बात शेअर करने की सलाह देते हैं क्योंकि इससे आपसी प्यार बढ़ता है। लेकिन रिश्ते मजबूत और बेहतर करते के लिए ज़रूरी है कि आप अपने पार्टनर जो भी बात कहें, उससे पहले उसके साइड इफ़ेक्ट सोच लें। क्योंकि आपका कहा हुआ, आपकी ज़िंदगी भूचाल भी ला सकता है। इसलिए फ़ीलिंग्स शेअर करें, मगर सोचकर।

भले ही जोड़िया स्वर्ग में बनती हैं, लेकिन उनको निभाना तो यहीं पड़ता है। एरेंज मैरिज में अक्सर दो अजनबी लोग भले ही वो बिल्कुल अलग पर्सनालिटी वाले क्यों न हों, एक दूसरे का साथ देने के लिए जीवन भर के बंधन बंध जाते हैं। शादी कोई गुड्डे गुड़ियों का खेल नहीं है, इसमें दो आत्माओं का मिलन होता है। इसलिए आपको अपने रिश्ते की अहमियत को समझकर ही अपनी सभी भावनाएँ पार्टनर के साथ शेअर करनी चाहिए।

हर बात शेअर करना ठीक नहीं
Coupling kissing

हर बात शेअर नहीं की जाती

शेअरिंग से प्यार बढ़ता है

एक दूसरे से दिल की बात शेअर करने से मन हल्का होता है, और हमें एक दूसरे के क़रीब आने का बहाना मिलता है। सुख दुख की बात साझा करने से कपल्स के बीच प्यार और नज़दीकियाँ बढ़ती हैं। इससे एक दूसरे को सपोर्ट करने की फ़ीलिंग्स भी स्ट्रांग हो जाती है।

निर्णय आपसी सलाह से लें

छोटे मोटे निर्णय की नहीं, हम उन निर्णयों की बात कर रहे हैं जिनमें अकेले आप निर्णय कर लें तो आपके पार्टनर नाराज़ हो सकते हैं। बच्चों की पढ़ाई, करियर, शादी आदि कुछ ऐसे अहम फ़ैसले होते हैं, जिनमें दोनों का सहमत होना ज़रूरी होता है। अगर आप सलाह लेकर इन कामों को करते हैं, तो आप अपने साथी का विश्वास जीतते हैं, साथ ही ज़िम्मेदारी का भी एहसास होता है। पार्टनर को लगता है, कि आपकी ज़िंदगी में वो भी है।

पार्टनर की तारीफ़ करें

अपने जीवनसाथी के मुँह से अपनी तारीफ़ सुनकर जो सुख मिलता है, वो किसी और कहे से नहीं मिल सकता है। साथ ही इससे आप पार्टनर ज़्यादा कांफ़िडेंस महसूस करता है और उसमें एक नया जोश देखने को मिलता है।

हर बात की शेअरिंग ठीक नहीं

दो लोग एक जैसे नहीं होते हैं, तो आपका पार्टनर आपकी किसी बात पर कैसा रिएक्ट करेगा, यह कहना बहुत मुश्किल है। दो अलग परिवारों से आने के कारण उनकी समझ और मान्यताओं में अंतर स्वाभाविक बात है। इसलिए दिल दुखाने वाली बात शेअर करने से बचना चाहिए।

भावुकता में खुले राज़ से सावधान

रोमांस और भावुकता के पल कभी मन की सभी बातों को अपने पार्टनर के साथ अभिव्यक्त कर देने को बाध्य कर देते हैं। पार्टनर अच्छा है तो कोई बात नहीं, वरना दरारें ऐसी पड़ती हैं, जिनकी मरम्मत संभव नहीं। पुराने अफ़ेयर्स, बुरी घटनाएँ और बातें रिश्तों का भविष्य तहस नहस कर देती हैं।

Couple fighting
Couple fighting

ग़लतफ़हमियों की खाई

कई बार हम जिस मूड में बात कर रहे होते हैं, उसको समझने में हमारा पार्टनर नाकाम रहता है। इससे आपसी ग़लतफ़मियाँ हो जाती हैं, जिनसे रिश्तों में कड़वाहट भर जाती है। इसलिए ग़लतफ़हमी लाने वाली कोई भी बात शेअर करने से बचें।

स्त्री पुरुष की अलग सोच

एक ही बात को देखने का स्त्री पुरुष का नज़रिया अलग अलग होता है। आप चाहे तो अपने पार्टनर किसी दूसरे की तारीफ़ करके देखिए, उसको थोड़ी तो जलन हो ही जाएगी। थोड़े सीक्रेट सहेज कर रखने से रिलेशनशिप में आपसी रस बना रहता है, संबंध जल्दी बोरिंग और नीरस नहीं होते हैं।

जिज्ञासा जगाए रखें

संबंधों में सरप्राइज़ की अपनी अलग जगह होती है। यह एक नयापन लाने में हमारी मदद करते हैं। धीरे धीरे एक दूसरे की ओर क़दम बढ़ाने से जीवन में रोमांस और रोचकता बनी रहती है। इसलिए सरप्राइज़ एलिमेंट बनाए रखने के लिए हर बात शेअर न करें।

बचत का गणित

बहुत सी पत्नियों की ख़र्च में से बचत करने की आदत होती है। वे पति बताए बिना ही धीरे धीरे करके किसी ज़रूरत भर के पैसे जोड़ लेती हैं। सोचिए अगर ये बात पति को पता चल जाए तो क्या आड़े वक़्त के किए कुछ रहेगा। इसलिए इस बात को पति से न कहना ही समझदारी है।

ग़िफ़्ट ज़रूरी हैं

पार्टनर्स जब एक दूसरे को ग़िफ़्ट या कोई सरप्राइज़ पार्टी वगैरह देते हैं तो उन्हें बहुत ख़ुशी होती है। इससे आपसी बंद दरवाज़े भी खोले जा सकते हैं। कुछ चीज़े छिपाने से मीठे पल ग़िफ़्ट में मिलते हैं।

नेगटिव बातों से दूरी

अगर आप अपने पार्टनर के बारे में कोई नेगटिव राय बना चुके हैं तो उसको इसका एहसास कभी न कराएँ। थोड़ा समय और अवसर दें, ताकि समस्या का हल निकल जाए। ऐसे में किसी बाहरी दोस्त में इस बात को कहना भी ठीक नहीं होता है, क्योंकि बाहर वाले सिर्फ़ मज़े लेते हैं। घर में बड़े हों तो उनसे इस बात का ज़िक्र करें। एक दूसरे को थोड़ा स्पेस देने के साथ साथ उनकी राय की क़दर भी करनी चाहिए।

Couple enjoying life
Couple enjoying life

मायके की कमज़ोरी

महिलाएँ अक्सर अपने मायके की कोई कमज़ोरी जैसे माता-पिता, भाई-बहन या रिश्तेदारों को कमियाँ पति से कहकर दिल हल्का कर लेती हैं। लेकिन अगर पार्टनर समझदार न हो तो वह उनकी इस बात पर बार व्यंग भी कस सकता है। जिससे बाद में बात का बतंगड़ बनने की नौबत आ जाती है।

एक्स रिलेशनशिप

ईमानदारी, भावुकता और साफ़गोई के चक्कर में एक्स ब्वॉयफ़्रेंड के बारे में अपने पति को न बताएँ। मेल ईगो इसे बर्दाश्त करने में असक्षम होता है।

ससुराल की बुराई

सास, ननद, जेठानी, देवरानी आदि आपको भले ही नापसंद हों लेकिन कभी पति से उनकी बुराई न करें। पति कितना भी खुले विचार का हो, लेकिन अपने सगे सम्बंधियों की बुराई सहन नहीं कर सकता है। बात भले ही सच क्यों न हो, इसलिए सच को ख़ुद सामने आने दीजिए।

पति की पसंद पर तंज

सभी मेल अपनी पत्नी के अलावा भी दूसरी महिला को अवश्य पसंद करते हैं, उनकी तारीफ़ में क़सीदे पढ़ते हैं। आपको कितनी जलन क्यों न हो लेकिन कभी उस महिला की बुराई पति से नहीं करनी चाहिए। इससे पति का आर्कषण उस महिला की ओर अधिक हो सकता है। आपकी हर कही गई बात को वो ईर्ष्या ही समझेंगे।

इसलिए अब सब कुछ आप पर निर्भर करता है कि आप अपने पार्टनर से किस हद तक अपने सीक्रेट्स शेअर करना चाहते हैं? दुख और डिप्रेशन लाने वाली, कड़वाहट पैदा करने वाली, एक दूसरे के परिवार को नीचा दिखाने वाली, अकेलापन महसूस कराने वाली जैसे अन्य बातों को छुपाना ही अच्छा है, ताकि ख़ुशियों को लोहे पर जंग न लगे।