बदलते मौसम में जब सर्दी जुकाम बुखार सताने लगता है तो कई लोग बिना डॉक्टरी सलाह किए एंटी बायोटिक दवा खा लेते हैं। लेकिन शायद उन्हें मालूम नहीं होता है कि ये दवाएं पेट लीवर और किडनी के लिए बहुत नुकसानदायक होती हैं। अगर एंटी बायोटिक दवाओं का लंबे समय तक नियमित प्रयोग किया जाए तो ये असर नहीं करती हैं। यानि हमारा शरीर इनका आदी हो जाता है।

एंटी बायोटिक दवा ज़रूरत से ज्यादा खाई जाए तो यह किडनी, गला और लीवर जैसे अंगों की अंदरूनी चिकनाई को खतम कर देती है। एसिडिटी, भूख कम लगना, कब्ज़ जैसी अनेक पेट संबंधित समस्याएं बनी रहती हैं। इसलिए दवाओं को डॉक्टरी पराशर्म से ही खाना चाहिए। ताकि सही मात्रा में सेवन करके लाभ मिले न कि आपके शरीर को कोई नुकसान झेलना पड़े।

एंटी बायोटिक दवा

एंटी बायोटिक दवा के नुकसान

  1. भोजन पचाने में मददगार बैक्टीरिया नष्ट होने से कब्ज की परेशानी
  2. लीवर किडनी और पेट के अन्य भागों में दिक्क्त
  3. हड्डियों की कमज़ोरी
  4. जीभ की स्वाद वाली इंद्री का निष्क्रिय होना
  5. दांतों का रंग बदलना
  6. मसूढ़े फूलना और फैलना
  7. रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम या खत्म होना

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एंटी बायोटिक दवा का सेवन

कई बातों को संज्ञान में लेकर डॉक्टर मरीज की दवा का डोज और सेवन का समय तय करता है, जैसे मरीज की उम्र कितनी है, वजन कितना है, वह कितने समय से बीमार है आदि। एंटी बायोटिक दवाएं भी कई प्रकार की होती हैं जो अलग अलग मरीजों के लिए अलग अलग होती हैं। जिन्हें देते समय डॉक्टर इस बात ध्यान रखते हैं कि मरीज के शरीर में मौजूद लाभ पहुंचाने वाले बैक्टीरिया कम या नष्ट न हों।

बिना डॉक्टरी सलाह के दवा खाने से अंडर डोज या ओवर डोज का खतरा भी रहता है। अंडर डोज दवा मरीज को मुसीबत में डाल सकती है और ओवर डोज से उसके शरीर के अंगों को भारी नुकसान हो सकता है।

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