अगर अपनी पत्नी माँ बनने का सुख प्राप्त करने वाली हैं और नया मेहमान घर में आने वाला है, तो इस इंतज़ार के हर पल को हसीन बना लीजिए। कई ऐसे दम्पत्ति भी होते हैं जो इस अवसर का पूरा लाभ नहीं ले पाते हैं। अपनी गर्भवती पत्नी का ठीक प्रकार से ख़याल नहीं रख पाते हैं। आप ये ग़लती कभी मत करिएगा।

एक लड़की जो जल्द ही एक बच्चे की मम्मी बनने वाली होती है, तो वह यह बात सबसे पहले बच्चे के पापा से शेअर करना चाहती है। वह उसे गले लगाकर अपनी ख़ुशी का इज़हार करना चाहती है।

जब कोई पत्नी गर्भधारण करती है, तो पूरे परिवार पर ज़िम्मेदारी आ जाती है, ख़ासकर उसे पति पर। बहुत बार ऐसा भी होता है कि बात बात पर झुंझलाहट और ग़ुस्सा आ जाता है। लेकिन अगर आप इस समय को समस्या बना लेंगे तो नुक़सान आपका ही होगा। ये वक़्त अपनी पत्नी के दिल की हर बात समझने का और उसकी ख़ाहिशों को पूरा करने का…

यूँ अपनी गर्भवती पत्नी का ख़याल रखें

गर्भवती पत्नी का ख़याल

1. उनके सहायक बनें

गर्भवती पत्नी के शरीर में होने वाले परिवर्तनों को समझे और उसकी मदद करें। घर के कामों में उनका हाथ बटाएँ और उन्हें ख़ुश रखने के लिए सब कुछ कीजिए जो वो चाहती हैं। बच्चे को जन्म देने के बाद भी स्त्री का शरीर भारी कामों को करने योग्य नहीं होता है, इसलिए उन्हें ऐसा कोई भी काम न करने दें। जिससे उन्हें थकान हो जाए।

2. बदलती दिनचर्या को समझें

गर्भधारण के बाद स्त्री के काम करने की क्षमता कम होती जाती है, जो बच्चे के जन्म के बाद भी कुछ दिनों तक कम ही रहती है। इस स्थिति में घर का रूटीन बिगड़ जाता है, इस परिस्थिति में आपको बदलाव के साथ एडजस्ट करना चाहिए। सुबह हैवी नाश्ता करने की बजाय हल्का नाश्ता ही कर लें, लेकिन अपनी प्यारी वाइफ़ को अधिक कष्ट न दें।

3. सजगता लाएँ

आपकी गर्भवती पत्नी को कब डॉक्टर के पास ले जाना है, डॉक्टरी सलाह के अनुसार खानपान और दवा, इस बातों का पूरा ध्यान रखिए। इस वक़्त आप उनसे अच्छी अच्छी बातें कीजिए, उन्हें अच्छी अच्छी चीज़ें दिखाइए। इंटरनेट पर इस विषय में कई कम्यूनिटीज़ हैं, उनसे जुड़कर दूसरों के अनुभव जानिए।

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4. हर पल ख़याल रखिए

गर्भावस्था में जितना हो सके, अपनी पत्नी के साथ और आस-पास रहिए। उनकी ज़रूरतों को पूरा कीजिए। रेगुलर चेकअप और अल्ट्रासाउंड करवाएँ। गर्भवती पत्नी के पेट में बच्चे के मूवमेंट को अपने हाथों से छूकर महसूस कीजिए। यह वक़्त होता है, अपने रिश्ते को और मज़बूत बनाने का। आप उन्हें मार्निंग वाक पर लेना जाना और एक्सरसाइज़ करवाना भी न भूलें।

5. उन्हें सुंदर होने का एहसास दिलाएँ

गर्भधारण के बाद खानपान की आदतों के कारण अक्सर पत्नी मोटी हो जाती हैं। जो लेडीज़ अपनी फ़िगर को लेकर ज़्यादा कॉन्सस होती हैं वे ख़ुद को शीशे में निहारना छोड़ देती हैं। ऐसी परिस्थिति आने से पहले ही आप उनकी तारीफ़ में पुलिंदे बाँध दीजिए, ताकि ऐसी कोई हीन भावना जन्म ही न ले सके।

6. प्रसव पूर्व कक्षाएँ ज़रूरी हैं

इस तरह की क्लासेज में प्रसव से जुड़े अनेक प्रश्नों उत्तर समय से पहले मिल जाते हैं। जिससे आधी मुश्किलें तो ख़ुद अपने क़दम पीछे हटा लेती हैं। वहाँ जो जानकारी मिलती है वह न केवल माँ के लिए अपितु पिता के लिए भी आवश्यक होती है।

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7. समझदारी से काम लें

जब पत्नी गर्भवती हो तो घर में पार्टी या दूसरा कोई फ़ंक्शन न रखें। जिससे उनके ऊपर काम का बोझ पड़े। इसकी बजाय किचेन और दूसरे कामों में उनकी मदद करने की थोड़ी ज़हमत उठा लें।

8. अनचाहे बदलाव पर ध्यान दें

आपकी वाइफ़ भले ही आपसे कुछ न कहे लेकिन आपको उन पर नज़र बनाये रखनी चाहिए, कहीं उनमें कोई ऐसा बदलाव तो नहीं आ रहा है, जिससे आपकी गर्भवती पत्नी या होने वाले बच्चे पर कोई बुरा प्रभाव पड़े। ऐसा थोड़ी भी शंका हो तो डॉक्टरी परामर्श लेने से न चूकें।

9. उनकी तबीयत के बारे में पूछे

ऐसे समय में आवश्यक होता है कि आप पत्नी को इमोशनल सपोर्ट दें। इसके लिए आप दिन में कई बार चाहे बहाने से ही उनसे बात करें और उनकी तबीयत के बारे में पूछें। कई बार वे ख़ुद ही आपसे बात करना चाहेंगी, इसलिए आप चाहे कितना भी व्यस्त हो, अपना काम काज छोड़कर उनसे बात कीजिए। उनके साथ क्वालिटी टाइम व्यतीत कीजिए। पलों को ज़्यादा से ज़्यादा रोमांटिक बनायें।

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10. घर को सजायें

सोने के कमरे में नन्हे मुन्नों के वालपेपर लगाएँ। पत्नी को जैसा पसंद हो, वैसा रूप कलर रखें। रूम को इस तरह सजाएँ कि कमरे में उन्हें कभी भी बोरियत महसूस न हो। पूरे घर का डेकोरेशन कर दें। इससे ज़िंदगी में एक नयेपन का एहसास होगा। बच्चे के लिए ज़रूरी सामानों की सूची बनाकर पहले से ख़रीदकर रख लें, ताकि ऐन वक़्त पर भगदड़ में आप कुछ भूल न जाएँ। हर बात के लिए पहले से पूरी तैयारी रखें।