वन नाइट स्टैंड की दिलकश रात

लगभग 2 साल पहले मैं अपने कलीग डेविड के साथ एक इवेंट के लिए मुम्बई गया था, वो इवेंट हमारे काम इंटरनेट मार्केटिंग से रिलेटेड था। जहाँ इस फ़ील्ड की सभी बड़ी बड़ी कम्पनीज़ मे अपना स्टाल लगाया हुआ था। हमें जिनसे जो पूछना था वो पूछ रहे थे और इधर उधर घूम रहे थे। वहाँ खाने पीने की बहुत सी ऐसी चीज़ें थी जो हमने पहले कभी नहीं ट्राई की थी सो हम बीच बीच में खा पी रहे थे और सब कम्पनीज़ के ऑफ़र देख रहे थे। ऑलमोस्ट हर कम्पनी के स्टाल पर सामने लड़कियाँ खड़ी थी ताकि लड़कियों को देखकर ज़्यादा से ज़्यादा लोग उनके ऑफ़र के बारे में जानने के लिए उनके स्टाल पर आयें और उनके प्रोडक्ट्स सेल होने के चांसेज़ बढ़ें।

मेरा कुछ टाइम पहले ही ब्रेकअप हुआ था सो मैं लड़कियों में कुछ ख़ास इंट्रेस्ट नहीं ले रहा था और डेविड के साथ इधर उधर यूँ ही घूम रहा था। तभी….

क़यामत जैसी सेक्सी गर्ल से मुलाक़ात

मेरी नज़र गोडैडी के स्टाल पर खड़ी लड़की पर पड़ी, और उसे देखते ही ना जाने मुझे क्या हो गया। मै पूरा सुन्न सा हो गया। उससे पहले मैं लड़कियों की तरफ़ देख भी नहीं रहा था। पर उसे देखकर मैं उसी को देखता रह गया। वो एक नज़र में ही मुझे इतनी ऐट्रेक्टिव लगी कि मैं वो फ़ीलिंग बता नहीं सकता। वो काउंटर पर किसी गेस्ट से बात कर रही थी सो मैं थोड़ी देर से ही उसे देख रहा था और बस उसे ही देख रहा था। सुनने में अजीब लगेगा लेकिन मुझे ऐसा लग रहा था कि मुझ पर किसी ने जादू टोना कर दिया हो। मुझे उसके अलावा कुछ दिख ही नहीं रहा था। उसकी हरेक अदा के साथ मैं उसका दिवाना हुआ जा रहा था। बोलते हुए उसके होंठ देखकर मुझे नशा सा हो रहा था। उसने ब्लू जींस और व्हाइट सर्ट पहनी हुई थी। अब ये तो कहने वाली बात नहीं है कि, जींस और सर्ट टाइट थे।। उसने ट्रांसपैरेंट चश्मा लगाया हुआ था। उसके बालों के दो गुच्छे उसके गालों पर इधर उधर हिल रहे थे। उसका फ़िगर इतना सेक्सी था जितना मैंने कभी नहीं देखा था अपनी पूरी ज़िंदगी में। शार्ट में कहूँ तो पूरी की पूरी क़यामत थी।

वन नाइट स्टैंड स्टोरी

डेविड ने कहा चल उस तरफ़ चलते हैं तो मैंने कहा, तू चल मैं आता हूँ। लगभग 10 मिनट हो गये मैं उसी की तरफ़ देख रहा था तभी अचानक गेस्ट के साथ बात करते करते उसकी नज़र मुझ पर पड़ी। पता नहीं क्यूँ उसने स्माइल किया और गेस्ट के साथ बात करती रही। उसकी स्माइल देखकर मानो मैं उसका ग़ुलाम हो गया। इससे पहले मैंने ज़्यादा लड़कियों से बात भी नहीं की थी और रियल लाईफ़ में भी मैं काफ़ी शर्मिला किस्म का इंसान था, इसलिए मेरी हालत ये सोचकर ख़राब हो रही थी कि जब वो गेस्ट वहाँ से जायेगा तो मैं उसके पास जाकर कैसे बात करूँगा। लेकिन उससे बात करने का मौका मैं किसी भी हाल में नहीं छोड़ना चाहता था। मुझे ये भी नहीं पता था कि मुझे उससे क्या बात करनी है पर फिर भी मैं उससे बात करने को तड़प रहा था। मुझमें एक चीज़ अच्छी है कि कॉन्फ़िडेंस बहुत है और बातें बनानी बहुत आती है। फिर भी मुझे डर लग रहा था और दूसरी तरफ़ बात करने के लिए 1 सेकेंड वेट भी कर रहा था।

तभी वो गेस्ट काउंटर से चला गया। उसने हाँफ करके लम्बी साँस ली और पानी पीने लगी। उसका फ़ेस बहुत स्ट्रेस्ड लग रहा था। अब मेरी हालत ख़राब थी, बात करने को मर रहा था पर मेरे पैर आगे बढ़ नहीं रहे थे। फिर मैंने अपने कॉन्फ़िडेन्स का पैकेट खोला और अपने आप से बोला, “अगर आज इससे बात नहीं कर पाया तो दुनिया का सबसे बड़ा फट्टू होगा, सो गो एंड टॉक टू हर”।

मैंने एक लम्बी साँस ली और उसकी तरफ़ बढ़ा, वो तो देख ही रही थी कि कोई उसके स्टाल पर आये सो जैसे ही उसने मुझे अपनी तरफ़ आते देखा स्माइल किया और बोला, हैलो सर मैं अब नार्मल दिखने की कोशिश कर रहा था सो मैंने भी उसे स्माइल के साथ हैलो बोला। उसने पूछा ,’सर हाऊ कैन आई हेल्प यू?’ मैंने ऐसे ही बोल दिया -“वॉट आर द बेस्ट क्लाउड होस्टिंग प्लांस यू हैव मैम?” उसके बाद वो मुझे प्लांस के बारे में बताने लगी, लेकिन मैं प्लान सुन कहाँ रहा था, मेरा तो सारा ध्यान उसके लिप्स पर थे, ऐसा लग रहा था मानो उसके होठों से सोमरस टपक रहा हो और मैं दुनिया का सबसे बड़ा प्यासा हूँ। पता नहीं उसने क्या क्या बोला औअर अचानक बोलते हुए रुक गई। फिर मेरे सामने अपना हाथ हिलाते हुए बोली, ‘सो सर डू यू लाइक एनी, ऑर शूड आइ एक्सप्लेन मोर प्लांस?’

तभी मुझे अचानक पता नहीं क्या हुआ, मैंने उसे बोला, ‘आई एम सॉरी सो आस्क दिस, बट मे आई नो योर नेम प्लीज़?’ उसने ह्ल्का सा स्माइल की और बोली, ‘श्योर,”आई एम मेघा” नाम बताते हुए उसने एक क़ातिलाना स्माइल किया जिससे मेरा हौसला और बढ़ गया। फिर मैंने उसे बोल दिया, “कैन आई कॉल यू मेघा? इंस्टिड ऑफ़ मैम? इफ़ यू डोंट माइंड” उसने बोला, “श्योर सर नो प्रॉब्लम” फिर मैंने भी स्माइल किया और अब मुझे लग रहा था कि मेरी उससे दोस्ती हो चुकी है, हलांकि मैं जानता था कि सबसे प्यार से बात करना तो उसकी जॉब है। अब मुझे रहा नहीं जा रहा था सो मैंने उसे बोला…

साथ घूमने का प्लान

“मेघा, ऐक्चूली आई एम नॉट लूकिंग फ़ॉर ए प्लान! आई जस्ट वांट टू टॉक यू फ़ॉर अ मोमेंट” उसने बोला, “श्योर”। कैन वी सीट दियर एंड टॉक फ़ॉर ए कपल ऑफ़ मिनट, मैंने पास पड़े सोफ़े की तरफ़ इशारा करते हुए कहा। उसने फिर एक गज़ब की स्माइल दी और 1 सेकेंड के लिए मेरी तरफ़ तिरछी नज़रों से देखा और बड़ा मस्त सा फ़ेस बनाकर बोली , “ओन्ली इफ़ इट्स इम्पार्टेंट” मैं 2 सेकेंड के लिए चुप हो गया, वो भी मेरी नज़रों में देख रही थी और मैं भी। “इट्स डैम इम्पार्टेंट ” वो हंसी और बोली “ओके कम”। उसे पता लग गया था, साला ठरकी मज़े ले रहा है, कुछ लेना देना नहीं है इसे।

वन नाइट स्टैंड से पहले मुलाक़ात

सोफ़े पे बैठते ही मैंने बड़े प्यार से पूछा ” मेघा डू यू अंडरस्टैण्ड हिंदी? आई मिन, कैन वी टॉक इन हिंदी? वो हल्का ह्ल्का हँस रही थी लेकिन ख़ुद को सीरीयस दिखाने की कोशिश कर रही थी, उसने नॉटी सा फ़ेस बनाते हुए बोला, “हाँ जी बोलो क्या बात है?” बस अब तो मुझे ऐसा लग रहा था कि अपनी फ़्रेंडशिप पक्की हो गई। मैंने फिर से एक लम्बी साँस ली और बोला,”मेघा, पता नहीं मैं जो कहने जा रहा हूँ वो मुझे कहना चाहिए या नहीं पर मुझे रहा नहीं जा रहा हैसो कहना ही पड़ेगा, तो वो बोली, “अच्छा जब नहीं रहा जाएगा तो फिर बोलो” ये कहते हुए हंसने लगी। मैंने भी स्माइल किया और हिम्मत जुटा के बोला,”फ़र्स्ट ऑफ़ ऑल योर नेम इज़ ब्यूटीफ़ुल ” उसने अपना चश्मा उतारा और थोड़ी सी प्रोफ़ेशनल लुक से बाहर आई। लड़कियों वाली क्यूट सी स्माइल फ़ेस पर थी वो बोली, “अच्छा! सच में?”

जब लड़की ने ये बात कह दी तो समझो गाड़ी सही डायरेक्शन में जा रही है। मैंने कहा हाँ जी नाम आपका बहुत सुंदर है पर….मैं बोलते हुए रुक गया, वो तभी बोली, पर ,पर क्या?? मैंने कहा, “पर आप तो अपने नाम से भी ख़ूबसूरत हो” वो सब समझ रही थी लेकिन कुछ कह नहीं रही थी और मेरे तरफ़ ऐसे देख रही थी मानो नज़रों से कह रही हो… हा हा हा और बोलो और बोलो। उसकी स्माइल बड़ी हि गई “ओ हा हा हा ह….क्या बात है” कहके वो हंसने लगी। फिर हमने कुछ देर ऐसे ही बात की और एक शार्ट इंट्रोडक्शन शेअर किया।

मुझे पता था वो ज़्यादा देर तक ऐसे नहीं बैठ सकती तो मैंने फ़ाइनल शॉट मारा और बोला, “कोई प्लान ऐसा है जिसमें आपका नम्बर मिल सके? वो खिल खिला कर हँसने लगी। चेहरे पर ख़ुशी थी और स्ट्रेस फ़्री लग रही थी। फिर उसने अपना चश्मा पहना और खड़े होकर बोली,” इट वाज़ नाइस टाकिंग टू यू, बट आई कॉन्ट शेअर माई नम्बर सॉरी। उम्मीद है आप समझ रहे होंगे। मैंने उसे बोला, नो प्रॉब्लम डियर मेरा इस इवेंट में आना सफल हो गया। आपसे बात करने के लिए मुझे 5 मिनट मिले। उसने बड़े प्यार से हैंडशेक किया और बॉय बोलकर वापस काउंटर पर चली गई। अब मैं आज़ाद सा महसूस कर रहा था, उसके बाद मैं भी कांफ्रेंस हाल में चला गया।

पब में हसीन मुलाक़ात

रूम में मैंने डेविड को मेघा के बारे में थोड़ा बहुत बताया और लैपटॉप पर काम करने लगा। रात के 7:30 बज गये थे। हम लोग डिनर के लिए चल दिये। मैं और डेविड साथ ही जा रहे थे कि डेविड के घर से फ़ोन आ गया और वो वहीं रुककर अपने पैरेन्ट से बात करने लगा। नीचे से म्यूज़िक की आवाज़ आ रही थी। तभी मुझे एक लड़की ग्राउन्ड फ़्लोर पर बात करते नज़र आई वो रेलींग के सहारे झुककर किसी से बात कर रही थी, उसका फ़िगर बहुत बम था, उसने पर्पल कलर का प्रोम ड्रेस पहना हुआ था, जिसमें उसका फ़िगर और भी गज़ब लग रहा था, उपर से देखने पर उसका फ़िगर बिल्कुल एंजिला जोली की तरह सुपर हॉट लग रहा था।

वन नाइट स्टैंड से पहले पब में

उसे देखते ही मैं नीचे की तरफ़ जाने लगा। तभी डेविड बोला,”मम्मी से बात करनी है, लो बात कर लो। ओ शिट, मुझे डेविड की मम्मी से फ़ोन पर बात करनी पड़ी। इतने में न जाने वो कहाँ चली गई। फिर मैंने डेविड को बोला, यार अभी नीचे एक बम लड़की खड़ी थी पता नहीं कहाँ चली गई। उसके बारे में बात करते करते हम नीचे डायनिंग हाल पहुँच गये।

ओह माय गुडनेस! वहाँ का तो नज़ारा ही अलग था। माइकल जैक्शन के रॉकिंग सांग्स फुल वाल्यूम में चल रहे थे, डिस्को लाइट चल रही थी, लोग साइड में डांस कर रहे थे। 100 तरह की डिसेज़, स्वीट्स, चिकेन, चिकेन के ऐसे डिशेज़ थी जो न कभी सुना था न कभी खाया था सो मैं सब ट्राई करने के लिए एक्साइटेड था। हमने 2-4 फ़ोटो खींची और फिर टूट पड़े। साला समझ नहीं आ रहा था क्या क्या खाऊँ? जितना हो सका हमने खाया साइड में बीयर क स्टाल लगा था सो बीयर की केन ली और भोले बाबा का नाम लेकर शुरू हो गये। एक टेबल खाली था सो हम वहाँ बैठ गये और 5 स्टार के होटेल के खाने का मज़ा ले रहे थे। तभी पीछे से किसी ने हल्के से मेरी पीठ थपथपाई ।

मैंने पीछे मुड़कर देखा तो कोई लड़की थी लेकिन लाइट कम होने के कारण फ़ेस नहीं देखा, बस इतना दिखा कि कोई लड़की हाथ हिला के हेल्लो कर रही थी। मैंने भी हॉय किया और सोचने लगा ये कौन है भाई तभी उसने कान में ज़ोर से बोला,” हाँ जी अकेले अकेले!” अरे ये तो मेघा है। मैं बहुत ख़ुश हो गया और बोला अकेले अकेले क्यूँ आप भी ज्वाइन करो जी। उसने बोला नहीं नहीं मैं खा चुकी हूँ।

वो मेरे साथ वाले चेयर पर बैठ गई, मैंने मज़ाक में पूछ लिया, “बीयर लाऊँ? वो हँसने लगी और हाथ हिलाकर नहीं का इशारा किया। मैंने मज़ाक में ही उसके कान में बोला,”पीती तो ज़रूर होगी” तो वो बोली,”बहुत रेयर, कभी कभी ऑकेज़्नली बस” मैंने कहा अरे ये भी ऑकेज़न ही है तो वो हँसने लगी और बोली,”एक ऑलरेडी पी चुकी हूँ”। मैंने फिर उसे चिढ़ाते हुए यूँ हीं कहा “एक हमारे साथ भी पी लो फिर” उसने हँसते हुए बोला “ओके” मैं डेविड से भी पूछा आपको बीयर चाहिए तो उसने कहा नहीं मेरी अभी बची हुई है। मैं बीयर काउंटर से दो केन लाया एक उसके लिए और एक अपने लिए। मेरी पहली वाली ख़त्म हो गई थी। मैं फिर से डिनर खाने लगा और वो डांस करते हुए लोगों को देख रही थी। मैंने उसे कहा,”अरे पियो,क्या हुआ? “वो बोली नहीं बाहर जाके” फिर हमने खाना ख़त्म किया, मैंने बीयर की दो केन ली एक डेविड को दिया और 1 अपने हाथ में।

वन नाइट स्टैंड के हसीन पल

बाहर निकलकर डेविड बोला मैं बहुत थक गया हूँ इसलिए मैं रूम में जा रहा हूँ, डेविड रूम की तरफ़ चला गया। जब मैंने बाहर लाइट में उसे देखा तो वो पर्पल ड्रेस वाली लड़की मेघा ही थी क़ो उस ड्रेस में बहुत शानदार लग रही थी। मैंने उसकी ड्रेस की तारीफ़ की, उसने क्यूट सा स्माइल किया और हम इधर उधर घुमने लगे कि अब किस तरफ़ जायें तभी उसने इशारा किया उधर चलें। मैंने कहा, “आप जहाँ चले हम तो चलने के लिए तैयार है मैडम, वो हँसने लगी और हम आगे बढ़े।

वन नाइट स्टैंड के पल

बाहर बहुत अच्छा मौसम था, अंधेरे में छोटी छोटी गार्डेन वाली लाइट जल रही थी। होटेल के सामने ही लेक थी नज़ारा कमाल का था। मैं ये सब पहली बार देख रहा था। वहाँ हमारे सिवा कोई और नहीं था। वो बेंच पर बैठ गई और मुझे बोली आओ बैठो मैं भी बैठ गया और अपनी और उसकी केन खोल दी। उसके हाथ में केन पकड़ाया और अपना केन उठाकर बोला,”चियर्स”। उसने केन से केन टकराया और बोली चियर्स। हम दोनों बियर पीने लगे। मैं नज़ारे की तारीफ़ करने लगा और तारीफ़ करते करते मै कब केन की 3 बोतलें गटक गया मुझे पता ही नहीं चला। मुझे थोड़ी चढ़ने लगी थी सो मैं बेंच पर फैलकर बैठ गया, अपना फ़ोन उसके फ़ोन के पास ही बेंच पर रख दिया। मेरा पैर उसके पैर से टच हो रहा था पर मुझे उतना होश नहीं था कि उस टाइम सम्भालकर बैठूँ। वो मेरे फ़ोन में कुछ कर रही थी।

तभी वो बोली, “क्या बोल रहे थे तुम उस टाइम?” मुझे थोड़ी चढ़ गई थी सो अब मैं ज़्यादा केयर नहीं कर रहा था, पर मैं समझ गया था कि वो किस दिन की बात कर रही है। मैं थोड़ी ज़ोर ज़ोर से हँसने लगा और बोला,”यही कि आप बहुत ख़ूबसूरत हो, बहुत शानदार हो, बहुत हसीन हो, लाजवाब हो…” पता नहीं उसके मूड में क्या चल रहा था? पर वो उस वक़्त चाहती थी कि मेरे मन में जो है उसे बताऊँ। वो फिर बोली,”कुछ ज़्यादा तारीफ़ नहीं कर दी तुमने मेरी” मैं आउट ऑफ़ कंट्रोल नहीं था बस हल्की सी चढ़ी थी पर उस टाइम उसे इतना पास देखकर मेरा दिल गार्डेन गार्डेन हो रहा था, मैं बहुत ख़ुश था। मैं चाहता तो कंट्रोल कर सकता था पर मैं कंट्रोल करना ही नहीं चाहता था। सो मैंने कहा,”अरे आपकी असली तारीफ़ तो अभी तक मैंने की ही नहीं ” तो वो बोली “अच्छा! तो असली तारीफ़ कब करने का इरादा है?” मैंने कहा, ” असली तारीफ़…! हा हा हा… नहीं जी नहीं… असली तारीफ़ नहीं कर सकता, वरना बेग़ाने शहर में लोग मारेंगे मुझे”। वो बोली,” स्टुपिड ऐसा कुछ नहीं होगा, मैं कौन सा किसी के तुम्हारी शिक़ायत करने जा रही हूँ” मैंने फिर भी मना कर दिया और चुप हो गया।

वो बार बार ज़िद करने लगी। अचानक उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली “प्लीज़ बताओ” मैंने कहा “नहीं यार आपको बुरा लगेगा” वो बोली “नहीं लगेगा, बताओ” मैंने फिर मना कर दिया। उसने कहा ठीक है तो मैं जा रही हूँ बॉय, मैं नहीं चाहता था कि वो जाए फिर भी मैंने कहा “बॉय बॉय” मैं देखना चाहता था कि वो सच में जाती है या नहीं। मेरी सिक्स्थ सेंस कह रही थी कि वो नहीं जाएगी। वो कहती “मैं सच में चली जाऊँगी” मैं बस हँस रहा था कुछ बोला नहीं। वो खड़ी हो गई, मुझे लगा वो चली न जाए पर मुझे अपने सिक्स्थ सेंस पर पूरा भरोसा था। उसने कहा,”चलो फिर बॉय, मैं जा रही हूँ। गुड नाइट” मैं बस जा रहा था।

अगले ही पल मुझे एहसास हुआ वो चली गई! हाँ वो सच में चली गई। जब मुझे इस बात का एहसास हुआ तो मुझे बहुत अफ़सोस हो रहा था पर वो तो जा चुकी थी। मैं भाग कर उस रास्ते के इंड तक गया और लेकिन वो अंदर जा चुकी थी और अब उसे ढूँढ़ना मुश्किल की नहीं नामुनकिन था। मैं वापस उसी जगह आ गया और अपने आप पर ग़ुस्सा हो रहा था और ख़ुद को कोस रहा था और बार बार पीछे मुड़कर देख रहा था। पर वो जा चुकी थी।

मैं सैड हो गया और अफ़सोस करते हुए न चाहते हुए भी रूम जाने के लिए उठा। तभी पीछे से आवाज़ आई,”अपना फ़ोन तो लेते जाओ”। मेरे दिल को बहुत सुकून मिला… जब मैं समझा कि वो नहीं गई थी वो तो वहीं थी, बस थोड़ी ही दूर वाले बेंच पर तो बैठी थी। मैं बहुत ख़ुश हुआ, मुझे दिल से बहुत ख़ुशी हो रही थी।

मैं उसके पास जाकर साथ बैठा और बहुत अच्छी स्माइल के साथ देखने लगा। वो बोली,”मुझे अपनी तारीफ़ सुनना बहुत अच्छा लगता है, बहुत दिनों के बाद किसी ने मेरी तारीफ़ की। थैंकयू सो मच”। मैं अब सीरीयस होकर और सम्भल कर बैठ गया और बिना कुछ कहे स्माइल के साथ उसकी तरफ़ देखने लगा। वो बोली,”अब तो बताओ प्लीज़ कि तुम क्या कह रहे थे?” मैंने कहा यार वो नहीं कह सकता, आपको बुरा लेगेगा” वो कही ,”कहो, हमें नहीं लगेगा”। चलो अगर बुरा लगेगा तो मैं ख़ुद बता दूगीं। मुझे समझ नहीं आ रहा था मैं क्या करू? मैं चुपचाप बेंच पर बैठा रहा। वो उम्मीद के साथ मेरी तरफ़ देख रही थी। मैंने कहा “पक्का बुरा नहीं मानूँगी न” वो बोली, “मैं वादा करती हूँ बोलो भी अब”

मैंने कहा…
उस टाइम मैं आपके पास बात करने के लिए इसलिए गया था क्योंकि,”आप मुझे बहुत सेक्सी लग रही थी”। मैं इतना पर रुक गया वो मेरी तरफ़ देखती रही कि मैं और कुछ कहूँगा, जब कुछ देर मैं नहीं बोला तो वो बोली “और” मैंने कहा “नहीं यार और नहीं कह सकता, मुझसे कहा ही नहीं जाएगा।” वो ज़िद करने लगी “नो मुझे जानना है प्लीज़ बताओ” उसने मेरा हाथ पकड़ा और बोली “तुम्हे मेरी क़सम”। मेरे पास अब कोई आप्शन नहीं था। फिर मैं फूट पड़ा…

नज़रों से नज़रे मिलीं

मैंने सब कह दिया जो भी मेरे दिल में था “आप बहुत ही, बहुत ही ज़्यादा सेक्सी हो। आपको देखकर मेरे होश उड़ गये थे। यार आपकी हरेक चीज़ इतनी ऑव्सम है कि मैं बता नहीं सकता। आप मानोगी नहीं मैंने आपकी फ़िगर से ज़्यादा सेक्सी फ़िगर अपनी पूरी लाइफ़ में नही देखा है… इतना कहते कहते पता नहीं कब वो मेरे बिल्कुल पास आ गई थी, वो बिल्कुल मेरे बिल्कुल साथ बैठी थी। उसका और मेरा सोल्डर टच हो रहा था।

वन नाइट स्टैंड का पल

हम दोनों एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे। मुझे नहीं पता कैसे मेरे हाथ उसके हाथों तक चले गये। उंगलियों ने उसके लिप्स छुए… मुझे ऐसा लगा मेरी पूरी शरीर में बिजली दौड़ गई है। उसकी साँसे बहुत तेज़ चल रही थीं मुझे ऐसा लग रहा था मानो बॉडी के सभी तार गिटार की तरह टूटके इधर उधर बिखर गये हों। मैं उसके होठों के बारे में कहने लगा। “आपके होठ इतने रसीले हैं जैसे उनमें सोमरस भरा हो, इन्हें चूमने को दिल… पता नहीं ये कहते कहते कब हम एक दूसरे को किस करने लगे, मैं उसके होठों को किस कर रहा था वो मेरे होंटो को किस कर रही थी। वो पगलों की तरह किस कर रही थी उसने दोनों हाथों से मेरा फ़ेस पकड़ा हुआ था। मुझे तो ऐसे ही होश नहीं था पर लग रहा था वो भी होश में नहीं रहना चाहती थी। अचानक वो रुक गई।

जब वो रुकी तो हम दोनों एक दूसरे की तरफ़ देख नहीं पा रहे थे। मेरी नज़र उपर नहीं उठ रही थी। 2 मिनट तक हम दोनों स्टैच्यू की तरह बेंच पर बैठे रहे। फिर उसने मेरा हाथ पकड़ा और बिना कुछ कहे खड़ी हो गई, मैं भी खड़ा हो गया पर उससे नज़रें नहीं मिला पा रहा था। बड़ी मेहनत करके मैंने एक नज़र उसकी तरफ़ देखा। वो मेरी तरफ़ ही देख रही थी। हम दोनों ने हल्की सी स्माइल की। वो बिना कुछ कहे मेरा हाथ पकड़कर कहीं जाने के लिए आगे बढ़ी। अब मुझमे इतनी हिम्मत नहीं थी की उससे कुछ कह पाऊँ। बस उसके साथ चल दिया। लिफ़्ट में इंटर होते ही उसने मुझे ज़ोर से हग किया, हल्के से गाल पर किस किया और मेरे तरफ़ देखने लगी। मैं इसके अलावा और क्या करूँ कुछ समझ नहीं आ रहा था। लिफ़्ट तीसरे फ़्लोर पर जा कर रुकी।

उसने बाँहों में बाँहें डाली और हम आगे चल दिये। एक रूम के बाहर जाकर रुक गये। उसने पर्स से चाबी निकाली और लॉक ओपन किया। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि अब क्या करूँ। वो मेरा हाथ पकड़कर अंदर जाने लगी। मैं आगे नहीं बढ़ा, वहीं खड़ा रह गया। उसने पीछे मुड़कर मेरी तरफ़ देखा। मेरे बिल्कुल पास आई, मेरी नज़रों में अपनी नज़रें डालकर बोली,”घबराओ मत, मैं तुम्हें मारूँगी नहीं” हम अंदर गये और दरवाज़ा बंद।