पैसा आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है। पैसा न हो तो छोटी छोटी ज़रूरतों की पूर्ति भी नहीं होती। इसलिए ज़्यादा ज़रूरी है कि बच्चों को पैसे की अहमियत समझाएँ। साथ ही उनको पैसे की बचत की कला भी सिखाएँ। वैसे तो हमारे माता पिता हमें बचपन से ही पैसे बचाना सिखाते हैं, पर ऐसे कितने लोग है जो सच में पैसे की अहमियत को समझ पाते हैं। तो फिर आप क्यों न कुछ अलग और ऐसा करें जिससे आपके बच्चे पैसे बचाने की कला को बख़ूबी समझें।

पैसे की अहमियत समझाने के लिए टिप्स –

पैसे की अहमियत

1. गुल्लक से दोस्ती / पिग्गी बैंक

बच्चों की गुल्लक से दोस्ती करवाएँ और गुल्लक के  कितने फ़ायदे हैं ये भी उन्हें बताएँ। बच्चों को यह बताएँ कि अगर वो इस गुल्लक में थोड़ा थोड़ा करके पैसा जमा करें तो ये एक दिन ढेर सारे पैसे हो जायेंगे। जिससे वे अपने पसंद का कुछ भी ख़रीद सकते हैं। इससे बच्चों में एक अच्छी आदत का विकास भी होगा और वे पैसे की अहमियत को भी समझेंगे।

बच्चों को गुल्लक सजाने के लिए भी कह सकते हैं इससे बच्चे अपने गुल्लक को सजाने के लिए प्रयास करेंगे और रचनात्मक भी बनेंगे।

आप अक्सर अपने बच्चों को रात में सोते समय कहानियाँ तो ज़रूर सुनाती होंगी तो अपनी इस कला का इस्तेमाल बच्चों को पैसे की अहमियत समझाने में करिए। रात को सोते समय आप बच्चों को ऐसी कहानियाँ सुनाइए जो बच्चों पर भी हो और पैसे जमा करने के फ़ायदे की बात भी आती हो।

2. रिज़र्व बैंक भी मदद करेगा

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 2007 में पहली बार ऐसी किताब प्रकाशित की, जो कॉमिक करेक्टर्स के माध्य्म से पैसे बचाने की अहमियत को समझाती हैं। इसमें बिना मेहनत किए पैसा कमाने की चाहत  रखने वाला राजू है तो उसे पैसे, बैंक, डेबिट कार्ड आदि के बारे में ज़िंदगी के असल किस्सों के माध्य्म से समझाने वाले गोपी चाची भी है। जो आपके बच्चों को पैसे की अहमियत समझाने में बख़ूबी मदद करेंगी।

3. पॉकेट मनी दें

पॉकेट मनी देकर आप बच्चों उससे पसंद की चीज़ें ख़रीदने का मौका दीजिए। जिससे बच्चे ख़रीदारी में एक्सपर्ट बनेंगे। साथ ही पॉकेट मनी जब पूरी खर्च हो जाएगी तब वो आपसे और पैसे माँगेंगे। ऐसे में आप उन्हें आसानी से समझा सकते हैं कि बचत ज़रूरी है। पैसे फ़िजूल खर्च नहीं करने चाहिए।

4. किड्स बैंक अकाउंट खुलवाएँ

सभी बैंकों में माइनर अकाउंट खुलवाने की सुविधा होती है। आप अपने बच्चे का माइनर अकाउंट खुलवा उसमें पैसे डालना और निकालना सिखा सकते हैं। इससे बच्चा बैकिंग सीखेगा और बचत करना भी सीख जाएगा।

5. बाज़ार में ख़रीदारी करने दें

जब आप बाज़ार जाएँ तो अपने बच्चों को भी साथ ले जाएँ। ऐसा करने बच्चे घर के सामान की क़ीमत जान सकेंगे। इससे उनमें बढ़ती मँहगाई की जानकारी भी होगी। ये जागरूकता बचत का गुण विकसित करने में बहुत सहायक होती है।

तो देर किस बात की है आज ही आप अपने बच्चों में  पैसे बचाने की अच्छी आदत का विकास करें, ताकि वे इस कार्य में भी व्यस्त रहें और पैसे की अहमियत को समझें।