प्यार क्या है, कैसे होता है और क्यों होता है?

प्यार क्या है? प्यार के कई रूप होते हैं। जिनको आप प्यार करते हैं वो अक्सर वो लोग होते हैं जिनके साथ रहना और टाइम बिताना आपको अच्छा लगता है। ये वो लोग होते हैं जिन्हें खो देना आप सहन नहीं कर सकते हैं। और वो जिनके बारे में आप सबसे ज़्यादा परवाह करते हैं।

दूसरी ओर भले ही कोई आपके साथ बुरा बर्ताव करे या आपको दुख पहुँचाये, आप तब भी उनसे सच में प्यार कर सकते हैं। आप अपने माता-पिता, अपनी फ़ैमली, अपने साथी, अपने दोस्तों और पालतू जानवर के लिए अलग अलग रूप में प्यार महसूस कर सकते हैं।

प्यार क्या है?

प्यार क्या है

प्यार में होना और प्यार करना

दोस्तों, किसी को प्यार करना और किसी के प्यार में होना दो अलग अलग बातें हैं। एक रिश्ते की शुरूआत किसी के प्यार में होने जैसे होती है, जब आप दूसरे की सिर्फ़ अच्छी चीज़ें ही देखते हैं और एक तरह से अपने आपको घने बादलों में घूमता हुआ महसूस करते हैं। कुछ समय बाद उन भावनाओं में बदलाव सा आ जाता है, और तब दूसरे पर्सन के लिए आपकी भावनाएँ और गहरी, स्टेबल, मधुर और परवाह करने वाली हो जाती हैं और आप उन्हें प्यार करने लगते हैं।

पहली नज़र का प्यार

आप किसी ऐसे व्यक्ति को भी प्यार कर सकते हैं जिन्हें आप ठीक से जानते भी नहीं हैं। या किसी दोस्त के रिश्ते में भी धीरे-धीरे प्यार पनप सकता है। और कभी-कभी कुछ लोगों के लिये तभी प्यार की शुरूआत होती है जब वो एक दूसरे के साथ शारीरिक सम्बंध बनाते हैं।

आकर्षण से प्यार तक

सामान्य तौर पर प्यार में सबसे पहले शारीरिक आर्कषण की फ़ीलिंग आती है, फिर धीरे धीरे वो प्यार में होने का एहसास जनम लेता है और उसके बाद बहुत गहरा लगाव हो जाता है। जो समय के साथ बढ़ता है और कई सालों तक या जीवन भर रह सकता है।

आध्यात्मिक परिभाषा

प्यार पाने का नहीं समर्पण का नाम है। प्यार में किसी से पाने की बजाय उसकी इच्छा का सम्मान करना बेस्ट माना जाता है। प्यार में जब देने की जगह कुछ पाने की फ़ीलिंग आ जाए तो वह प्यार नहीं रहता, हवस कहलाता है।

उम्मीद है कि आप समझ गये होंगे कि प्यार क्या होता है? अब जब किसी से प्यार करेंगे तो उसमें कोई लेन-देन कोई सौदा नहीं होगा।