बच्चे के जन्म से लेकर और उसके बड़े होने तक माँ को बच्चे की बहुत चिंता रहती है। नारी को माँ बनने का सुखद एहसास उसे कई प्यार भरी सपनों की दुनिया में ले जाता है। जहां वो गर्भ में पल रहे अपने बच्चे के साथ कई सुखद सपनों को बुन लेती है। बच्चे के जन्म के बाद बच्चे को दुलार और प्यार करना, इसके साथ साथ उसकी देखभाल करना बस यही सोचती रहती है। पहली बार माँ बनने का अनुभव हो तो माँ को हमेशा चिंता रहती है कि वो अपने बच्चे की देखभाल कैसे करें? ताकि बच्चे को बेबी बाथ देते वक़्त उसकी नाज़ुक व कोमल त्वचा को कोई अनचाहा नुक़सान न पहुँचे।

अगर आप भी माँ बनने का पहला सुखद अनुभव लेनी जा रही हैं और अपने बच्चे की उचित देखभाल के लिए बेहद परेशान हैं तो अब आप परेशान न हों। आज हम आपको बच्चे की उचित देखभाल के लिए बेबी बाथ यानि बच्चे को कैसे नहलाएं इस बारे में बताने जा रहे हैं।

बेबी बाथ कैसे करायें

बेबी बाथ कराने के टिप्स

1. नहलाने का समान अपने पास रखें

बेबी बाथ कराते समय उसका सारा समान पहले से ही व्यवस्थित करके अपने पास में रखें। बच्चे को नहलाते समय उसे एक सेकण्ड के लिए भी अकेला न छोड़े ।

2. हल्के गुनगुने पानी से नहलाएं

शिशु को नहलाने से पहले पानी को हल्का गुनगुना कर लें, इससे शिशु को सर्दी नहीं लगेगी। लेकिन पानी के तापमान का विशेष ध्यान रखें। पानी न बहुत ज़्यादा ठंडा हो और न बहुत ज़्यादा गर्म ।

3. बबल्स बाथ न दें

तीन साल की आयु तक बच्चें को बबल्स बाथ न दें, इससे उसे मूत्र मार्ग में संक्रमण होने का ख़तरा हो सकता है।

4. क्वालिटी साबुन और शैम्पू का उपयोग करें

बिना केमिकल वाले सॉफ़्ट साबुन और शैम्पू का ही इस्तेमाल करें। बच्चे के लिए किसी साबुन या शैम्पू का प्रयोग करने से पहले चिकित्सक से सलाह अवश्य लें। बच्चे के छ: महीने होने तक बच्चे के शरीर पर साबुन अपने हाथ पर लगाकर ही लगायें।

5. इस्तेमाल करने से पहले प्रोडक्ट की जाँच अवश्य कर लें

बेबी बाथ कराने से पहले शिशु की त्वचा पर साबुन का इस्तेमाल करने से पहले उसकी त्वचा के छोटे से भाग पर साबुन लगाकर देख लें कि कहीं उसे इससे नुक़सान तो नहीं होगा। त्वचा के लाल पड़ने पर या खुजली होने पर उस उत्‍पाद का प्रयोग न करें।

6. शिशु का ध्यान बाँटने का प्रयास करें

सारे शिशु नहाते वक़्त एक जैसा व्यवहार नहीं करते, कुछ ऐसे होते हैं जो नहाते वक़्त पानी से खेलते हैं और ख़ुश रहते हैं जबकि कुछ घबराने लगते हैं। अगर आपका बच्चा भी बेबी बाथ के समय घबराता है तो ऐसे में उसका ध्यान बंटाना एक बेहतर विकल्प होगा। इसके लिए आप उसका पसंदीदा खिलौना उसे दिखाकर या उसे देकर उसका ध्यान बंटा सकती हैं । जिससे वह पानी में खेलेगा भी और आसानी से नहा भी लेगा। बच्चे को नहलाते समय उसे पानी में खड़ा करके नहलाएं जिससे वह पानी से घबराएगा नहीं।

7. उसे सहारा दें

शिशु जब छोटा होता है तो उसकी हड्डियाँ और माँसपेशियाँ इस क़ाबिल नहीं होती हैं कि वह अपने दम पर खड़ा रह सके इसलिए नहलाते वक़्त इस बात का विशेष ध्यान रखें कि बच्चा कहीं गिर न जाएं। इसलिए उसे हर समय अपने हाथों से सहारा देकर रखें ।

8. बच्चे के समस्त अंगों की सफ़ाई करें

बेबी बाथ के समय शिशु के समस्त अंगों की सफ़ाई के साथ साथ उसके जननांगों की सफ़ाई का विशेष ध्यान रखें।

9. ख़ास ख़याल

नहलाने के बाद शिशु को मुलायम कपड़े से धीरे धीरे पोंछें और वह कपड़ा एंटीसेप्टिक लिक्विड में धुला होना चाहिये ।