कंप्यूटर या मोबाइल पर लगातार काम करने के कारण आंखें बहुत ज़्यादा थक जाती हैं और आँखों की नसें शिथिल हो जाती हैं। शिथिल आंखों की थकान दूर करने के लिए और अपनी आँखों को तरोताज़ा बनाए रखने के लिए कुछ योग क्रियाओं को अवश्य करें। ताकि दिन के जितने घण्टे आप काम करें पूरी एनर्जी के साथ करें और आपकी आँखे भी सेहतमंद बनी रहें। आइए ऐसी ही कुछ क्रियाओं को करने की विधि के बारे सीखें।

आंखों को थकान दूर करना
Reduce Eyestrain Tips

आंखों की थकान दूर करने की क्रिया विधियां

1. नासिकाग्र दृष्टि योग मुद्रा

नासिकाग्र का अर्थ होता है नाक का ऊपरी हिस्सा या अग्रभाग। नासिका के अग्र भाग को संतुलन बनाते हुए देखना ही नासिकाग्र मुद्रा योग कहलाता है। यह आँखों के लिए बेस्ट है।

विधि

– सबसे पहले बैठकर नाक के अंतिम छोर पर नज़रे को केंद्रित कर लें।

– पहले बहुत आराम से उसे कुछ देर बाईं आंख से देखें फिर उसे कुछ देर दाईं आंख से देखें।

– ध्यान रहे आपको सिर्फ़ इतनी देर देखना है जिससे आंखों पर ज़्यादा दबाव न पड़े।

– फिर धीरे-धीरे आप इसे करने का समय बढ़ाते जाएं।

इस अभ्यास से आंखों की थकान कम हो जाएगी।

2. करतल विश्राम

– आँखों को बंद करें।

– फिर दोनों हाथों की हथेलियों को गोल प्याली की तरह बना लें।

– फिर गोल प्याली नुमा हथेलियों को गाल पर आँखों के पास रखते हुए आँखों को इस प्रकार ढकें कि हथेलियां आँखों को न छुएं।

– हथेलियों से आँखों को ढकते हुए इस बात का ध्यान रखें कि हथेलियों से न तो आँखों पर कोर्इ दबाव पड़े और न ही कहीं से प्रकाश आ सके।

– कुछ समय के लिए आँख और दिमाग को बेहद रिलैक्स फ़ील कराते हुए इसी अवस्था में रहें।

– कुछ देर तक इसी अवस्था में रहने के बाद आप हाथ को हटाकर तेजी से आँखें मिचकाइए और आँखों को खोलिए।

– ऐसा करने से आँखें अधिक ताज़गी महसूस करती हैं।

– करतल-विश्राम का अभ्यास दिन में लगभग 5 बार करें।

– इसे आप प्रारम्भ में दो मिनट तक करें, फिर धीरे धीरे समय बढ़ाकर दस मिनट तक कर सकते हैं।

– इसके अभ्यास से आंखों की थकान ही नहीं, मोतियाबिंद में भी आराम मिलता है।

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3. दृष्टिदोष को दूर करने और आँखों को आराम पहुँचाना

अभ्यास – 1

– इस क्रिया के लिए बैठ कर या सीधे खड़े होकर अपने दायें हाथ को सामने की ओर सीधा कर लें।

– फिर इस दाएं हाथ की मुट्ठी बंद कर अंगूठे को ऊपर की ओर सीधा खड़ा कर लें।

– इसके बाद बिना पलक झपकाएं दोनों आंखों को सामने अंगूठे पर केन्द्रित करके देखें।

– पुनः पूर्व की स्थिति में आ जाएं।

– इस क्रिया का अभ्यास लगभग 5 बार करें।

अभ्यास – 2

– सबसे पहले आलथी पालथी मारकर बैठ जाएं।

– फिर अपने दोनों हाथों को कंधों के समानांतर उठा लें।

– अब चेहरा एकदम सामने की ओर करें।

– फिर दोनों आंखों की पुतलियों को दाएं हाथ की तरफ़ घुमाएं।

– उसके बाद दोनों आंखों की पुतलियों को बाएं हाथ की तरफ घुमा लें।

– इसी प्रकार उन्हें बारी-बारी से दोनों हांथों की तरफ घुमाएं।

– यह अभ्यास 5 बार करने से बहुत ज़ल्दी ही लाभ नज़र आने लगेगा।

अभ्यास – 3

– इस अभ्यास को करने के लिए सबसे पहले आसन की अवस्था में बैठ जाएं।

– फिर दोनों हांथों की हथेलियों को अच्छी तरह से आपस में रगड़ें। हथेलियों को आपस में रगड़ने से हाथों में पर्याप्त गर्मी आ जाती है।

– फिर इसके बाद हथेलियों को बन्द आंखों पर कुछ देर के लिए रखें। उसके बाद हांथों को नीचे रखें।

ध्यान रहे- उच्च रक्तचाप या निम्न रक्त चाप, हृदय रोगी या अन्य किसी गंभीर रोग से पीड़ित व्यक्ति इसका अभ्यास न करें।

उपरोक्त विधियों और अभ्यास के माध्यम से आप आंखों की थकान दूर करने के साथ-साथ अनेक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।