गोनोरिया रोग के कारण और लक्षण

गोनोरिया ‌_ Gonorrhea, सूजाक या प्रमेह का ज़्यादातर हमला सेक्‍स आर्गन पर होता है। इसे यौन संचारित बीमारी कहते हैं। यह शिश्‍न, योनि, मुंह या गुदा के संपर्क में आने से फैल सकती है। यदि गर्भवती महिला को है तो प्रसव के दौरान बच्‍चा भी इससे प्रभावित हो सकता है। बच्‍चा अंधा हो सकता है तथा उसके जोड़ या रक्‍त संक्रमित हो सकते हैं। उसके जीवन को ख़तरा उत्‍पन्‍न हो सकता है। इसलिए जैसे ही पता चले कि गर्भवती महिला को गोनोरिया है, उसका तत्‍काल इलाज कराना चाहिए। कई लोगों में इस बीमारी के लक्षण स्‍पष्‍ट नहीं होते हैं तथा कुछ लोगों में संक्रमण के चार-पांच दिन बाद कुछ लक्षण दिख सकते हैं।

गोनोरिया रोग
Gonorrhea, Sujak, Prameh

कैसे होता है गोनोरिया

गानोरिआ नामक जीवाणु के कारण गोनोरिया नीसेरिया होता है। ये जीवाणु महिलाओं तथा पुरुषों के सेक्‍स आर्गन में गर्म तथा गीले क्षेत्रों में तेजी से फैलते हैं। असुरक्षित यौन संबंध बनाने वाले किसी भी व्‍यक्ति को यह बीमारी हो सकती है। इसके अलावा भी ऐसा व्‍यक्ति अनेक प्रकार के यौन रोगों का शिकार हो सकता है।

पुरुषों में गोनोरिया के लक्षण

– गले में भी गोनोरिया हो सकता है। इस तरह के 90 प्रतिशत मामले ओरल सेक्‍स की वजह से होते हैं। ओरल सेक्‍स के चलते बैक्‍टीरिया का संक्रमण होता है और गले की गांठ में सूजन व दर्द होने लगता है।

– पुरुषों में पेशाब के दौरान जलन, दर्द, लिंग से सफेद, पीला या हरा स्राव निकलने लगता है तथा अंडग्रंथि में सूजन व दर्द शुरू हो जाता है।

महिलाओं में प्रमेह रोग के लक्षण

– जिस महिला को पेशाब के दौरान जलन या दर्द हो। मूत्र संक्रमण के कारण ही पेशाब में जलन होती है। यह गोनोरिया का लक्षण हो सकता है। यह संक्रमण मूत्र मार्ग या अन्‍य किसी कारण से योनि में फैल सकता है।

– महिलाओं के पेशाब के रास्‍ते से एक पीले रंग का स्त्राव निकलने लगता है। कुछ समय बाद बिना दवा कराये यह लक्षण विदा हो जाता है लेकिन जीवाणु धीरे-धीरे गर्भाशय व फैलोपियन ट्यूब में प्रवेश कर जाते हैं इसे बांझपन की समस्‍या आ सकती है।

– गोनोरिया की स्थिति में योनि से अधिक मात्रा में स्राव निकलता है या माहवारी के दौरन से खून अधिक निकलता है। कभी-कभी निर्धारित समय के बहुत पहले माहवारी शुरू हो जाती है।

– कभी-कभार इंटरकोर्स के बाद धब्‍बे दिखाई देने लगते हैं, यह भी गोनोरिया का लक्षण हो सकता है। एक ही साथी के साथ दो बार लगातार सेक्‍स करने से भी इस तरह के लक्षण दिख सकते हैं।

– गोनोरिया के नाते स्‍त्रियों में सुजाक से योनिशोथ भी हो सकता है। जननांग की जांच करने से मूत्रमार्ग में पीप दिख सकती है। पेशाब मार्ग को दबाने से दर्द होता है। शोथ के कारण महिला को योनि और पेडू में भी तेज दर्द हो सकता है। कभी-कभी तो गर्भाशयग्रीवा से पीप भी बहने लगता है।

– महिलाओं में योनि से सफेद पानी गिरने की समस्‍या अक्‍सर हो जाती है लेकिन यह गोनोरिया का भी लक्षण हो सकता है। गोनारिया के मामले में योनि में काफी खुजली होती है।

– ज़्यादातर महिलाओं में गोनोरिया का लक्षण दिखता नहीं है। जिनमें दिखता है, उनमें यौन संबंध बनाने के दस दिन के बाद दिख जाता है। इसलिए यौन संबंध बनाने के बाद सचेत रहना चाहिए, सेक्‍स आर्गन को तत्‍काल अच्‍छी तरह धुल देना चाहिए, ताकि संक्रमण न फैलने पाए।

Previous articleदांत और मसूढ़ों का होम्‍योपैथिक इलाज
Next articleछुई-मुई के औषधीय गुण