जोड़ों के दर्द की समस्‍या का इलाज

जोड़ों का दर्द जिसे होता है वहीं जानता है कि यह दर्द कितना भयानक होता है। चलना-फिरना तक बंद कर देता है। बहुत देर तक बैठे रहने या सोने रहने के बाद जब अचानक उठना पड़ता है तो लगता है कि घुटना टूट जाएगा या तलवा ज़मीन पर पड़ता नहीं है। हाथ ऊपर उठाने में तक़लीफ़ होती है, कंधा, कुहनी, अंगुलियों के जोड़ अकड़ जाते हैं और मरीज़ परेशान हो जाता है। विशेषकर सर्दियों में जोड़ों के दर्द की समस्या और ज़ोर पकड़ लेती है। यह क्‍यों होता है और इसका उपाय क्‍या है, आज इसी पर चर्चा की जाएगी।

ज्वाइंट पेन - जोड़ों के दर्द की समस्या

जोड़ों के दर्द के कारण

जब सर्दी का मौसम आता है तो मौसम में बैरोमीट्रिक प्रेशर (Barometric pressure) गिर जाता है और ऊतक में विस्तार बढ़ जाता है, इससे जोड़ों के दर्द में वृद्धि हो जाती है। इसलिए जोड़ों के दर्द से परेशान लोग सर्दियों के मौसम में अधिक पीड़ित हो जाते हैं। हमारे आसपास के वातावरण के भार या दबाव को बैरोमीट्रिक प्रेशर कहते हैं। इसके दबाव से हमारे शरीर के ऊतक विस्‍तार नहीं पाते। जब सर्दियों में इसका दबाव कम हो जाता है तो ऊतकों में विस्‍तार होता है और उसका दबाव जोड़ों व नसों पर पड़ता है। दूसरे सूर्य की रोशनी कम प्राप्‍त होने से शरीर को पर्याप्‍त मात्रा में विटामिन डी की आपूर्ति नहीं हो पाती, इसलिए रक्‍त संचार भी सही नहीं हो पाता है। जिस कारण जोड़ों का दर्द बढ़ जाता है।

जोड़ों के दर्द का घरेलू उपाय

– जिनके जोड़ों में दर्द है उन्‍हें सुबह कम से कम 3 से 6 किलोमीटर पैदल ज़रूर टहलना चाहिए। टहलने, जॉगिंग या व्‍यायाम करने से शरीर में रक्‍त संचार में वृद्धि होती है जो दर्द में राहत देता है।

– अधिक देर तक एक जगह एक पोज़ीशन में नहीं बैठना चाहिए, इससे शरीर अकड़ जाता है और अचानक उठना संभव नहीं हो पाता। ज़मीन पर बैठकर या झुककर कोई काम नहीं करना चाहिए, जब भी बैठें तो कुर्सी पर बैठने की कोशिश करें।

– विटामिन C, D व के K के लिए संतरे का उपयोग नियमित करें। पालक, गोभी व टमाटर के सेवन से भी लाभ होता है।

– जब भी धूप निकले तो धूप में अवश्‍य बैठें, इससे शरीर को विटामिन डी मिलता है जो रक्‍त संचार में वृद्धि करता है।

– घुटनों पर गर्म पट्टी बांधें या कपड़े से ही अच्‍छी तरह ढककर रखें ताकि वहां ठंड न लगने पाए।

मसाज थेरेपी भी इसमें लाभ पहुंचाती है। इससे शरीर का तापमान बढ़ जाता है।

– आमतौर पर लोग अधिक दर्द होने पर दर्द निवारक दवाएं ले लेते हैं, इससे बचना चाहिए।

– यदि सूजन है तो कद्दू के बीज के सेवन से लाभ होता है।