सुअर से होने वाला रोग स्वाइन फ़्लू एक सांस संबधित संक्रामक रोग है। स्वाइन फ़्लू नए स्ट्रेन इंफ़्लुएंज़ा ए वायरस (Influenza A Virus) से होने वाला एक इंफ़ेक्शन है। इस वायरस को H1N1 कहा जाता है। इन्फ्लूएंजा वायरस ए के उप-प्रकार एच1एन1 (H1N1), एच1एन2 (H1N2), एच3एन1 (H3N1), एच3एन2 (H3N2) और एच2एन3 (H2N3) हैं। ये सभी इंफ़ेक्शन सुअर के द्वारा फैलते है। ये इंफ़ेक्शन व्यक्ति में जल्दी नहीं पाए जाते लेकिन जो व्यक्ति नियमित रूप से सुअरों के सम्पर्क में रहते है उन्हें इस इंफ़ेक्शन का संक्रमण आसानी से हो सकता है।

2009 में मैक्सिको में स्ट्रेन इन्फ़्लुएंजा वायरस के कारण मानव में पाए गये। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार यह एक नया स्ट्रेन इन्फ़्लुएंजा वायरस ए है जिसे H1N1कहते हैं। यह इंफ़ेक्शन एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति तेज़ी से फैलता है। इसलिए WHO ने इसे विश्वव्यापी महामारी बताया है।

स्वाइन फ़्लू एच1एन1 वायरस हिंदी जानकारी

यदि कोई संक्रमित सुअर किसी दूसरे सुअर के सम्पर्क में आता है। तो यह संक्रमण प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उस दूसरे जानवर को प्रभावित करता है।

संक्रमित सुअर के लक्षण

सुअरों में इन्फ़्लुएंजा संक्रमण के कारण बुख़ार, कमज़ोरी, छींक, खाँसी, साँस लेने में कठिनाई और भूख की कमी हो सकती है। हालांकि आमतौर पर मृत्यु सिर्फ़ 1-4% मामलों मे ही होती है और कुछ में सुधार हो जाता है।

किस तरह की सावधानियाँ बरतें

यद्यपि सुअर में होने वाले स्वाइन फ़्लू के संक्रमण से बचने के लिए कोई सुझाव नहीं दिया गया। लेकिन यह सलाह ज़रूर दी गई कि सुअर का पालने वाले साफ़ सफ़ाई का विशेष ध्यान दें और अगर किसी भी सुअर में इसके संक्रमण होने की आंशका लगे तो तुरन्त किसी भी डॉक्टर की सलाह लें और स्वाइन फ़्लू से सुअर की रक्षा करें।

इंफ़्लुएंज़ा ए H1N1 से संक्रमित शहर

अप्रैल 2009 में इसे सबसे पहले मैक्सिको में पहचाना गया। मैक्सिको की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस संक्रमण के कारण लगातार लोगों की संख्या घटती गई। दक्षिण कैलिफ़ोर्निया और टेक्सस में इस संक्रमण के लक्षण पाए गए। विश्व के कुछ देशों के साथ साथ यूनाइटेड किंगडम को भी WHO ने इस वायरस A H1N1 से ग्रसित पाया।

भारत में 2009, 2010, 2012 और 2013 में इसकी सबसे ज़्यादा घटना पाई गई। एक रिपोर्ट के मुताबिक 2015 में विशेषकर जनवरी और फ़रवरी में स्वाइन फ़्लू के लक्षण इन राज्यों में राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, महाराष्ट्रा, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना पाए गये।

मानव में इंफ़्लुएंज़ा ए के लक्षण

इस संक्रमण से प्रभावित व्यक्ति को ज्वर, गले मे खराश, जुकाम, खाँसी, सिर व बदन दर्द, जोड़ों में कठोरता, उल्टी, मूर्छा, ठंड लगना आदि समस्या होती है। इस वायरस से प्रभावित व्यक्तियों की मृत्यु हो जाती है। बहुत ही कम मामलों में लोग इस वायरस से बच पाते है।

स्वाइन फ़्लू कैसे फैलता है?

यह स्ट्रेन फ़्लू इंफ़्लुएंज़ा ए (H1N1) एक संक्रमित बीमारी है जो बरसात में तेज़ी से फैलती है। यह संक्रमण किसी संक्रमित व्यक्ति से किसी दूसरे व्यक्ति को छूने पर या उसके किसी चीज़ के सम्पर्क में आने पर या उसके साँस के सम्पर्क में होता है।

क्या स्वाइन फ़्लू या एच1एन1 से बचने की वैक्सीन है?

मौसमी फ़्लू से बचाने वाली वैक्सीन दो या तीन प्रकार के इंफ़्लुएंज़ा वायरस से आपको बचा सकती है, जिसमें से एच1एन1 भी है। यह वैक्सीन इंजेक्शन या नाक में डाले जाने वाले स्प्रे के रूप में बिकती है। कृपया आप अपने डॉक्टर से इसकी जानकारी ले सकते हैं।

Keywords – Swine Flu Fever, H1N1 Virus, Influenza A Virus

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