तनाव भरी ज़िंदगी से दूर ख़ुद को फ़िट रखने के लिए अपने क्या क्या नहीं ट्राय किया – सैर भी की और जिम भी गए। लेकिन क्या आपने कभी वाटर वर्कआउट किया ? अगर नहीं, तो एक बार ज़रूर सोचिए। वाटर वर्कआउट एक प्रकार का मेडिकल उपचार है। जो आपकी पूरी बॉडी को हील करने के साथ साथ माँसपेशियों को भी मजबूत बनाता है। आर्थराइटिस, डायबिटीज़, मोटापे से ग्रस्त लोगों के लिए यह विशेष फ़ायदेमंद है। आर्थराइटिस के मरीज़ों को डॉक्टर वाटर एरोबिक एक्सरसाइज़ की सलाह देते हैं, क्योंकि हवा में वर्कआउट करते वक़्त ग़लत दिशा में हाथ पैर जाने से चोट का ख़तरा रहता है। लेकिन वाटर वर्कआउट उनके के लिए बिल्कुल सुरक्षित है। पानी बॉडी को होल्ड करके रख़ती है। इससे वर्कआउट के समय चोट लगने का ख़तरा नहीं रहता। दूसरा गुरुत्वाकर्षण बल की तरह पानी भी शरीर के भार के विपरीत काम करता है ।ऐसे में आप पानी में रहते हुए अगर हाथो की मूवमेंट भी करते हैं तो यह पूरी अपर बॉडी का अच्छा वर्कआउट होगा।

वाटर वर्कआउट करके पाएँ फ़िटनेस

क्या है वाटर वर्कआउट

  • पानी के अंदर किया जाने वाला व्यायाम वाटर वर्कआउट कहलाता है। इसे एरो और अक्वा वर्कआउट भी कहते हैं।
  • अन्य व्यायाम के बदले वाटर वर्कआउट में ज़्यादा कैलोरी बर्न होती हैं।
  • एक्सपर्ट बताते हैं कि पानी के संपर्क में आते ही आपके शरीर का वज़न बॉडी मास का महज 10 प्रतिशत ही रह जाता है।
  • वाटर वर्कआउट में जोड़ो के दर्द से जुडी कई समस्या और गठिया में भी आराम मिलती है। यह माँसपेशियों को ज़्यादा लचीला और मजबूत बनती है।
  • पानी में एक घंटा वर्कआउट केरके आप 1600 – 1200 तक कैलोरी बर्न कर सकते हैं।
  • यह सिर्फ़ चर्बी को ही नहीं कम करता, बल्कि शरीर को भी सुडौल बनाता है।

ज़रूरी है रखें ख़याल

  • इस वर्कआउट को हमेशा किसी अच्छे एक्वा फ़िटनेस इंस्ट्रक्टर की देख रेख में ही करें।
  • पूल में ज़्यादा समय बिताने से त्वचा पर सनबर्न की समस्या हो सकती है। इसलिए पूल में जाने से 20 मिनट पहले कोई अच्छी सनस्क्रीन क्रीम लगा लें।

इस व्यायाम को तीन लेवल पर ही किया जाता है –

  1. घुटनों तक पानी
  2. पैल्विक लेवल
  3. चेस्ट लेवल

अगर आप वज़न कम करने के लिए इसे आज़मा रहे हैं, तो कम पानी में वर्कआउट करें। माँसपेशियों की मजबूती के लिए सामान्य पानी से लेकर गहरे पानी तक में वाटर वर्कआउट कर सकती हैं।

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