बच्चों की उचित परवरिश और उनकी देखभाल करना यह एक बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है। बच्चों की छोटी से छोटी चीज़ से लेकर उनके खान पान का उचित ध्यान रखना बहुत ज़रूरी होता है ताकि बच्चों का सम्पूर्ण विकास हो सके। बच्चों का शारीरिक विकास हो या मानसिक विकास यह उनके उचित आहार पर निर्भर करता है। इसीलिए बच्चों को सिर्फ आहार ही नहीं संतुलित और पौष्टिक आहार जैसे सूखे मेवे, साबुत अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियां, कई तरह के फल आदि दें। बच्चों को जंक फूड, चॉकलेट, केक और पिज़्ज़ा आदि से दूर रखें क्योंकि यह सब बच्चे के सेहत के लिए अच्छे नहीं होते हैं। बल्कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए भोजन में पौष्टिक और कलरफ़ुल आहार को शामिल करें।

छोटे बच्चे खाने में बहुत नख़रे दिखाते हैं। ऐसे में माता पिता के सामने यह एक बड़ी समस्या आ जाती है कि वो किस तरह से बच्चों को उचित और संतुलित आहार दें जिसे वे बिना किसी नख़रे के खा लें और बच्चों का अच्छे से शारीरिक विकास, मानसिक विकास व अन्य विकास हो सके। तो आपको हम बता दें कि कलरफ़ुल खाना न केवल बच्चों को देखने में अच्छा लगता है बल्कि स्वाद में भी पसंद आता है। खाने में तरह तरह की सब्जियों को शामिल करने से बच्चों को सभी प्रकार के पोषक तत्व आसानी से प्राप्त हो जाते हैं। जो बच्चों के संपूर्ण विकास में सहायक होते हैं। तो आप किस तरह से बच्चों को संतुलित आहार दे इसके लिए निम्न लेख को ज़रूर पढ़ें…

बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास

बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए संतुलित आहार

हरी पत्तेदार सब्जियां

हरी पत्तेदार सब्जियां सभी तरह के विटामिन, आयरन, फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होती है। हरी पत्तेदार सब्जियों में पालक जिसमें आयरन भरपूर होता है जो शरीर में हीमोग्लोबिन निर्माण में सहायक है। इसीलिए आप चाहें तो बच्चों को पालक के चटपटे परांठे बनाकर दें सकती है। इसके अलावा 4 या 5 तरह की सब्जियों को आपस में मिक्स करके भी आप बच्चों के लिए मिक्स वेजिटेबल बना सकती है। ताकि स्वाद भी बना रहें और सेहत के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न हो।

सूखे मेवे

सूखे मेवों में फोलिक एसिड, विटामिन, प्रोटीन, मैग्नीशयम, जिंक, कॉपर आदि तत्व पाए जाते है। इसीलिए बच्चों के खाने में जैसे हलवा, खीर आदि को बनाने में सूखे मेवों का उपयोग करें। इसके अलावा अगर बच्चे खेल खेल में सूखे मेवों में जैसे नारियल, काजू, अखरोट, किशमिश और मूंगफली को खाना पसंद करें, तो उन्हें थोड़ा थोड़ा खाने में ज़रूर दें। लेकिन ध्यान रहें इसे सिर्फ थोड़ी थोड़ी मात्रा में ही देना है ज़्यादा मात्रा में नहीं।

फल

फलों में विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन सी, प्रोटीन, आयरन, कार्बोहाइड्रेट जैसे पोषक तत्व पाए जाते है। इसीलिए बच्चों को फ्रेश फलों का जूस या फलों की चाट या सलाद बनाकर दे दीजिए। यह बहुत कलरफ़ुल और टेस्टी होते हैं। जिसे बच्चे चाव से खाना पसंद करते है और इसी बहाने वे पौष्टिक तत्वों का सेवन भी करते है।

अंकुरित अनाज

बच्चों के खाने में अंकुरित अनाज को भी ज़रूर शामिल करें क्योंकि यह न केवल शरीर को बलिष्ठ बनाता है बल्कि शरीर को एनर्जी भी प्रदान करता है। इसके लिए आप चाहें तो अंकुरित चीज़ों की सलाद बनाकर भी दें सकते है या नमकीन दलिया में पकाकर के भी दे सकते है। क्योंकि दलिया भी बच्चों के लिए एक पौष्टिक आहार है।

दूध

दूध को संतुलित आहार माना जाता है। इसीलिए दूध व दूध से बने अन्य पदार्थ जैसे दूध, दही, पनीर और खोया आदि को भी बच्चों के आहार में ज़रूर शामिल करें। अगर बच्चे दूध या दूध से बने अन्य पदार्थों को ऐसे ही खाने से नख़रे दिखाए तो इनकी रेसपी जैसे खीर, लस्सी, मिठाई या कोई भी पनीर रेसपी बनाकर खिलाए। यकीनन इन्हें बच्चे पसंद से खाना चाहेंगें और आपके बढ़ते बच्चों को सभी तरह के तत्व भी मिलते जायेंगें जिससे बच्चों का उचित विकास हो सकेगा।

उपरोक्त आहार बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अति आवश्य है। अत: यह आपके बच्चों की डाइट में ज़रूर शामिल होना चाहिए।