यदि एक बार आपका ब्रेकअप हो चुका है और आप उन सारी बातों को भुलाकर एक नए रिलेशनशिप में बंध रहे हैं तो ज़रूरी है कि पिछली ग़लतियों को दोबारा न दोहराएँ। नए रिश्ते में समझदारी दिखाएँ और पूर्णतया सावधानी बरतें, ताकि ये रिश्ता आपका आपके साथ और आपके पास बना रहे। लेकिन कहीं ऐसा न हो कि अधिक समझदारी दिखाने के चक्कर में आप कोई नई ग़लती कर बैठें। इसलिए जानना ज़रूरी है कि ब्रेकअप के बाद नए रिलेशनशिप में कौन-सी ग़लतियाँ न दोहराएँ –

ब्रेकअप के बाद न करें ये ग़लतियाँ

ब्रेकअप के बाद नया रिश्ता कैसे मजबूत बनता है?

1. धोखे का ख़याल दिल से निकाल दें

नए रिलेशनशिप में बंधने पर पार्टनर के साथ समय व्यतीत करना ज़रूरी है। लेकिन हो सकता है कि नए पार्टनर की बातों में या हरक़तों में एक्स-बॉयफ्रेंड की झलक नज़र आए। लेकिन मन में ये विचार कभी न पालें कि इस बार भी आपको प्यार में धोखा मिलेगा। जैसे दो पत्थर एक समान नहीं हो सकते, उसी प्रकार दुनिया में दो पुरुष एक जैसे नहीं होते। ज़रूरी है कि आप उस पर विश्वास करने की पूरी कोशिश करें।

2. किसी बात का अर्थ ख़ुद न निकालें

नए पार्टनर के साथ समय बिताते समय उसके मन को पढ़ने की कोशिश न करें। जब नया पार्टनर कोई बात कहे तो अपने मन से उसकी बात का कोई दूसरा अर्थ न लगाएँ। बल्कि अगर आपको उसकी बात समझ नहीं आ रही है तो उससे साफ़ साफ़ उस बात का मतलब पूछ लीजिए। ताकि उसे अपने दिल की बात आप तक पहुँचाने का पूरा मौक़ा मिले। नए रिश्ते में ग़लतफ़हमी की कोई भी गुंजाइश न रखें। ऐसा करेंगी तो ब्रेकअप के बाद दुबारा प्यार का रिश्ता बनाने में आसानी होगी।

3. प्यार में परफ़ेक्शन न खोजें

इस दुनिया में कोई भी इंसान परफ़ेक्ट नहीं होता, इसलिए परफ़ेक्ट पार्टनर की कल्पना छोड़ दें। हो सकता है कि पिछली बार ब्रेकअप की वज़ह यही रही हो। परफ़ेक्ट पार्टनर या रिलेशनशिप की खोज एक मिथ्या है। ज़रूरी है कि आप एक दूसरे को समझने का प्रयास करें और एक दूसरे का सम्मान करें। एक दूसरे को प्यार देने की कोशिश करें। मन की बात कोई नहीं पढ़ सकता, अगर आप पार्टनर के अंदर कमियाँ देखते हैं तो हो सकता है कि आपके स्वभाव से उसमें भी यही आदत आ जाए। एक दूसरे की कमियाँ नज़रअंदाज़ करते हुए अच्छाइयों को जानें और मौक़ा मिलने पर उनकी सच्चे दिल से तारीफ़ करें।

4. जजमेंटल न बनें

आपकी पिछली रिलेशिनशिप कैसी थी, इसके आधार पर नए रिश्ते को जज करने की कोशिश न करें। याद रहे कि सबका स्वभाव अलग अलग होता है और रिश्तों को निभाने की समझ भी अलग अलग होती है। इसलिए ब्रेकअप के बाद नए रिलेशनशिप में ख़ुद को जजमेंटल होने से बचाएँ।

5. नकारात्मक सोच से बचें

एक बात हमेशा ध्यान रहे कि रिलेशनशिप में कभी भी नकारात्मक सोच को न आने दें और ब्रेकअप के बाद नए रिश्ते में तो बिल्कुल भी नहीं। क्योंकि नकारात्मक सोच आपके अच्छे खासे रिश्तों में दरार का कारण बन जाती है। इसलिए रिलेशनशिप कैसा भी हो उसमें सदैव सकारात्मक सोच बनाए रखें। फिर देखिए कि रिश्ते भी सुर और ताल की तरह मधुर बन जाएंगे।

किसी की भी ज़िंदगी सजीले सपनों की तरह हसीन नहीं हो सकती है। इसलिए ज़रूरी है कि उसे ख़ुद हसीन बनाया जाए। एक विचार है कि दुनिया उसी को ख़ूबसूरत नज़र आती है जो उसे सुंदर देखना चाहता है। इसलिए सकारात्मक सोच रखें और जीवन में आगे बढ़ें।

आशा करती हूँ कि आपको हमारा ये लेख जरूर पसंद आएगा आप अपने विचार और सुझावों से हमे ज़रूर अनुग्रहीत करें।

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