आज हम आपको छुईमुई या लाजवंती के औषधीय गुण और उसके फ़ायदों के बारे में बताने जा रहे हैं। यक़ीनन इस नाम से लगभग आप सभी लोग परिचित होंगें। किसी ने इसके बारे में सिर्फ़ किताबों में पढ़ा होगा तो किसी ने इसे देखकर छुआ भी होगा कि क्या सच में छुई-मुई को छूने से इसकी पत्तियां आपस में सिकुड़ने लगती हैं। इसकी पत्तियों को छूने के बाद यक़ीनन आपको इसका जवाब हा में मिला होगा। दरअसल छुईमुई की पत्तियों को आप जैसे छुएंगे वैसे ही इसकी पत्तियां शर्माकर सिकुड़ने लगती हैं इसकी इसी ख़ूबी के कारण इसे लाजवंती, लजौली, शर्मीली या छुईमुई भी कहकर पुकारते हैं।

इसे अंग्रेजी में मिमोसा प्युडिका कहते हैं और वानस्पतिक जगत में माईमोसा पुदिका के नाम से जाना जाता है। लाजवंती / छुईमुई सबसे ज़्यादा नमी वाले स्थानों में पाए जाते हैं इसके छोटे पौधे में अनेक शाखाएं होती हैं। इसके फूल गुलाबी रंग के होते हैं।

छुई-मुई का पौधा एक ऐसा पौधा है जिसकी जड़ों से लेकर बीज तक का उपयोग कई प्रकार की बीमारियों जैसे आँखों के काले घेरे, आतों के घाव, कब्ज़, शारीरिक कमज़ोरी, नक़सीर, नपुंसकता, नेत्र रोग, मधुमेह रोग, टॉन्सिल्स, पेट के कीड़े, पेट दर्द, फोड़े फुंसी, बदहजमी, बवासीर, डायबीटीज़ आदि को दूर करने में किया जाता है।

छुईमुई का पौधा
Chhuimui or Humble plant

छुई-मुई या लाजवंती के गुण और फ़ायदे

एक शोध के अनुसार छुई-मुई की पत्तियों और जड़ों में एंटीवायरल और एंटीफंगल गुण होने के कारण यह कई रोगों से लड़ने में सक्षम है। आइए इनके इन्हीं गुणों के बारे में जानें…

1. मधुमेह रोग में राहत

मधुमेह के रोगियों को छुई-मुई का काढ़ा पिलाने से आराम मिलता है। काढ़ा बनाने के लिए छुइमुइ की 100 ग्राम पत्तियों को 300 मिली पानी में डालकर काढ़ा बना लें और इस काढ़ा को मधुमेह के रोगियों को पिला दीजिए।

2. नपुंसकता का इलाज

तीन इलायची, तीन ग्राम छुई-मुई की जड़, तीन ग्राम सेमल की छाल को कूट पीसकर एक गिलास दूध में मिलाकर प्रतिदिन रात को सोने से पहले पीने से नपुंसकता की समस्या से निजात मिलता है।

3. कमज़ोरी दूर करे

रोज़ाना रात को सोने से पहले तीन ग्राम छुई-मुई के बीजों के चूर्ण को दूध के साथ मिलाकर पीने से शारीरिक कमज़ोरी दूर हो जाती है।

4. घाव ठीक करें

यदि किसी को घाव हो जाए तो छुई मुई की जड़ का 2 ग्राम चूर्ण दिन में तीन बार गुनगुने पानी के साथ पीने से घाव जल्दी भरने लगता हैं।

5. टॉन्सिल्स का उपचार

टॉन्सिल्स की समस्या होने पर छुई मुई की पतियों को पीस कर दिन में दो बार गले पर लगाने से तुरंत राहत मिलता है।

6. शुगर रोग से निजात

100 ग्राम लाजवन्ती के पतों का काढ़ा बना कर सुबह शाम पीने से शुगर (डॉयबिटीज) के मरीज़ को स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होता है।

7.  वीर्य की कमी दूर करें

रोज़ रात को चार ग्राम लाजवंती के बीज और जड़ का चूर्ण एक गिलास दूध के साथ मिलाकर पीने से पुरुषों में वीर्य की कमी की समस्या काफ़ी हद तक दूर हो जाती है।

लाजवंती का पौधा औषधीय गुणों से परिपूर्ण है इसलिए आज ही छुईमुई के पौधे को अपने घर में लगाएं और छुई-मुई के गुण और लाजवंती के फ़ायदे से अनेकों लाभ उठाएँ।