क्रिस्‍टल थेरेपी क्या है? इसके क्या लाभ हैं?

आज की भागमभाग भरी ज़िंदगी, ज़िम्दारियों को निभाने का दबाव और काम के दबाव के कारण आज का मानव मानसिक तनाव से अछूता नहीं है। बच्चों से लेकर बड़े सभी तनाव ग्रस्त रहते हैं। इसी तनाव के कारण आप धीरे धीरे कई सारे रोगों से घिर जाते हैं। ऐसे में इन रोगों से मुक्ति पाने के लिए, मानसिक तनाव व शारीरिक समस्या से छुटकारा पाने के लिए क्रिस्टल थेरेपी एक बेस्ट उपाय है। क्रिस्टल थेरेपी को क्रिस्टल हीलिंग भी कहते हैं।

इस थेरेपी में अलग अलग तरह के पारदर्शी पत्थरों या ट्रांसपेरेंट क्रिस्टल का उपयोग किया जाता है। ये क्रिस्टल पृथ्वी में पाया जाने वाला एक प्राकृतिक पदार्थ है। इस थेरेपी में उपयोग किए जाने वाले हर क्रिस्टल की अलग-अलग विशेषता होती है और उन्ही विशेषताओं के आधार पर इनका उपयोग किया जाता है। यह क्रिस्टल हीट कंडक्टर और ऊर्जा के अच्छे सुचालक होते हैं। ये एक स्रोत से ऊर्जा लेकर दूसरे में विस्तारित कर देते हैं। यह क्रिस्टल हर बीमारी की चिकित्सा करने में सक्षम है।

क्रिस्टल थेरेपी

क्रिस्टल थेरेपी से उपचार

इस थेरेपी में शरीर के कुछ निश्चित हिस्सों पर क्रिस्टल रखा जाता है या फिर शरीर पर घुमाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि हमारे शरीर में सात चक्र होते हैं जहाँ पर पूरे शरीर की ऊर्जा एकत्रित रहती है। जब भी किसी चक्र की ऊर्जा असंतुलित होती है तब शरीर के उस हिस्से में दर्द होने लगता है। क्रिस्टल थेरेपी के द्वारा चक्रों को संतुलन में लाने का प्रयास किया जाता है ताकि आप शारीरिक कष्टों से मुक्ति पा सकें। क्रिस्टल थेरेपी में कौन से क्रिस्टल का उपयोग करना है, किस रंग के क्रिस्टल का उपयोग करना है और इन्हें शरीर के किस हिस्से पर रखना है इन सारी चीज़ों का ध्यान में रखकर थैरेपिस्ट क्रिस्टल हीलिंग करता है। ताकि इसका सही लाभ मिल सकें।

क्रिस्टल थेरेपी को करते समय यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि प्रत्येक व्यक्ति एक दूसरे से अलग होते हैं। इसीलिए व्यक्ति की शारीरिक क्षमता को ध्यान में रखते हुए थेरेपी करें।

पत्थर इलाज कैसे कर सकते हैं?

अगर आप यह सोच रहे हैं कि इन पत्थरों से शारीरिक कष्ट कैसे दूर होंगे, तो हम आपको बता दें कि इन पत्थरों के अन्दर रसायन-खनिज होता है। जब इन क्रिस्टल को हमारी त्वचा पर रखा जाता है तब हमारी त्वचा इन रसायन खनिज को सोख लेता है जिससे यह हमारे शरीर में पहुँच जाता है। इसकी सबसे ख़ास बात यह है कि हमारा शरीर उतना ही रसायन-खनिज अवशोषित करेगा, जितने की उसको ज़रूरत है। इसके अलावा इन पत्थरों से कोई भी नकारात्मक प्रभाव भी नहीं होता है।

क्रिस्टल हीलिंग करते समय जब आप क्रिस्टल को शरीर पर रखते हैं तब कुछ क्रिस्टल शरीर पर बहुत भारी लगते है, तो कुछ हल्के लगते हैं, कुछ गरम महसूस होंगे, तो कुछ ठंडे महसूस होंगे। इससे यह पता चलता है कि शरीर के किस हिस्से में कितना असुंतलन है और उसे किस तरह से संतुलित किया जाए।

इस थेरेपी को करते समय जब व्यक्ति को सभी क्रिस्टल का एहसास एक समान महसूस होने लगें तो मान लेना चाहिए कि अब सभी चक्र में संतुलन है।

क्रिस्टल थेरेपी के लाभ

इस थेरेपी के द्वारा शारीरिक दर्द, ऐंठन, जकड़न व मानसिक तनाव से छुटकारा पाया जा सकता है। इसके अलावा सिर दर्द, कमज़ोरी, अनिद्रा से भी छुटकारा पा सकते हैं।

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