अक्सर सही ज्ञान के अभाव में हम लोग उन चीज़ों का प्रयोग करने लगते हैं जो स्वस्थ और सेहत की दृष्टि से बिलकुल भी सही नहीं हैं। इसलिए ज़रूरी है कि दैनिक खानपान से जुड़ी इन महत्वपूर्ण बातों की जानकारी हो, ताकि हम और हमारे आस पास के लोग स्वस्थ और सेहतमंद रहें। इस जानकारी को आप ध्यान से पढ़िए और मन में बैठा लीजिए ताकि आप स्वास्थ्य के प्रति सदैव सजग रहे हैं और किसी प्रकार की कोई ग़लती न करें।

दैनिक खानपान से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

दैनिक खानपान

कढ़ाही में बचा तेल

अक्सर महिलाएं खाना बनाने का तेल का इस्तेमाल करती हैं, उसके बच जाने पर वो उसका दोबारा इस्तेमाल करने लगती हैं, जो किसी के भी स्वास्थ्य के लिए बिलकुल भी ठीक नहीं होता है। क्योंकि वनस्पति तेल को कढ़ाही में बार बार चढ़ाने से उस की रासायनिक संरचना में बदलाव आ जाता है और हाइड्रोजनीकरण होने से बहुअसंतृप्त वसीय अम्ल ट्रांस वसीय अम्लों में बदल जाता है। जिससे स्वास्थ पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ट्रांस वसीय अम्ल एल डी एल कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं और धमनियों में चर्बी जमने की प्रक्रिया को बढ़ावा देते हैं।

यही संकट वनस्पति तेल में तले हुए पकवानों को बारबार गरम करने से भी होता है। यह बहुअसंतृप्त वसा को हाइड्रोजनीकरण हो जाता है जिससे यह हानिकारक संतृप्त वसा और फ्री रेडिकल में तबदील हो जाता है। इनसे हृदय और धमनियों पर तो बुरा असर पड़ता ही है। स्वास्थ भी ठीक नहीं रहता है। इसलिए दैनिक खानपान में भोजन को तलने के बजाय उन्हें पकाकर या उबाल कर इस्तेमाल करें, ताकि आप स्वस्थ और हेल्दी रहें।

भोज्य पदार्थों के पौष्टिक गुण

कुछ खाद्य पदार्थ जैसे कि दाल को अंकुरित करना, व्यंजन बनाने से पहले खमीर उठाना इन तरीकों का प्रयोग करने से भोजन में पौष्टिक तत्व और विटामिन की मात्रा कई गुना अधिक बढ़ जाती है। ठीक इसी प्रकार दाल सब्ज़ी चढ़ाने से पहले अमचूर और दूसरे अम्लीय पदार्थ डालने से पदार्थ के विटामिन नष्ट होने से बच जाते हैं। इसलिए दैनिक खानपान के लिए भोजन बनाते समय इन तरीकों का इस्तेमाल ज़रूर करें, ताकि आप एक हेल्दी और स्वास्थप्रद आहार ले सकें।

ख़ालिस दूध और सप्रेटा

अक्सर लोग सोचते हैं कि ख़ालिस दूध सप्रेटा दूध से अधिक स्वास्थ्यवर्धक होता हैं। पर यह सच नहीं हैं क्योंकि सप्रेटा दूध में प्रोटीन और कैल्शियम की मात्रा शुद्ध दूध से ज़रा भी कम नहीं होती है। बस अंतर सिर्फ़ इतना सा है कि शुद्ध दूध में मलाई होती है और सप्रेटा में नहीं होती है। अगर स्वास्थ की दृष्टि से देखें तो सप्रेटा दूध ही वयस्क व्यक्तियों के लिए अधिक स्वास्थप्रद होता है। सप्रेटा दूध के सेवन से शरीर में चर्बी और कोलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ता और प्रोटीन की पूर्ति भी हो जाती है। इसलिए दैनिक खानपान में सप्रेटा दूध का इस्तेमाल करें और स्वस्थ रहें।

स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों से आप ख़ुद भी लाभान्वित हो और दूसरों को भी लाभान्वित करें। जिससे पूरा समाज सदैव स्वस्थ और सेहतमंद रहे।

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