नवजात शिशु के लिए उसकी माँ के दूध का सेवन बहुत ही लाभकारी माना जाता है। क्योंकि यह दूध बच्चे को कई रोगों से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है। लेकिन अगर किसी कारणवश बच्चे को उसकी माँ का दूध न मिल पाए तो उसे गाय का दूध का सेवन कराया जाता है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि गाय के दूध में भी बहुत ताकत होती है जो बच्चे के शरीर को पोषण प्रदान करती है और उसे रोगों से लड़ने की शक्ति प्रदान करती है। गाय का केवल दूध ही नहीं बल्कि गौ मूत्र का सेवन भी कई रोगों का नाश करने वाला होता है। आज भी बहुत से लोग सुबह उठते ही नित्य गोमूत्र का सेवन करते हैं और पूर्ण रूप से स्वस्थ्य रहकर जीवन का सुख भोग रहे हैं। इसे गौ जल भी कहते हैं।

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गोमूत्र की ख़ूबियां

वैज्ञानिकों के शोध के अनुसार गाय के मूत्र में कार्बोलिक एसिड पाया जाता है जो बैक्टीरिया नाशक होता है। इसके अलावा इसमें नाइट्रोजन, फॉस्फेट, यूरिया, यूरिक एसिड, पोटैशियम तथा सोडियम पाया जाता है। इसके अलावा इसमें लेक्टोज़ भी पाया जाता है। इतने सारे तत्व होने के कारण ही गोमूत्र रोग का शमन करने वाला होता है।

गौ मूत्र का सेवन करने से पहले ध्यान रखने योग्य बातें

गौ मूत्र का सेवन करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी होता है-

– पहाड़ों पर, जंगल में तथा चट्टानों पर चरने वाली गाय का गोमूत्र उत्तम होता है क्योंकि इन क्षेत्रों की गाय हरी घास के साथ इन क्षेत्रों की औषधियों का भी सेवन करती है जिससे उनका असर उनके दूध व मूत्र में आ जाता है और उनके सेवन से लाभ मिलता है। इसीलिए हमेशा स्वस्थ गाय का दूध या गोमूत्र का सेवन करें।

– अगर कोई गाय ने बछड़े को जन्म दिया है तो ऐसी गाय का दूध या गोमूत्र बहुत फ़ायदेमंद होता है। इसमें बहुत से पोषक तत्व विद्यमान होते हैं। वैज्ञानिक भाषा में बहुत स्वास्थ्यवर्धक हार्मोन और मिनिरल्स होते हैं।

– लैब से टेस्टेड गाय मूत्र का सेवन करें। यह बाज़ार में आसानी से उपलब्ध हो जाता है। यहां तक की विदेशों में तो गोमूत्र की बहुत अधिक डिमांड है इसीलिए भारत से लैब से टेस्टेड गोमूत्र विदेशों तक भेजा जाता है।

– गौ मूत्र का सेवन करने से पहले उसे 2 से 3 बार छन्नी या किसी सूती कपड़े से छान कर तब सेवन करें।

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विभिन्न रोगों में गोमूत्र का उपयोग और उसके फ़ायदे

1. खाज खुजली

अगर आप खुजली से परेशान हैं तो नीम की पत्तियों को गौ मूत्र के साथ अच्छे से घोट लीजिए। फिर इस पेस्ट को सारे शरीर में लगाएँ। इस उपचार को करने से खुजली में जल्द ही आराम मिलेगा।

2. चर्म रोग

चर्म रोग होने पर काली जीरी को गौमूत्र के साथ पीसकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को शरीर पर लगा लीजिए। इसके अलावा स्नान करने वाले जल में गोमूत्र मिलाकर स्नान करने से चर्म रोग ठीक हो जाता है।

3. बालों की उचित देखभाल के लिए

अगर आप बालों के झड़ने, टूटने, दो मुंहे होने व असमय सफेद होने से परेशान है तो इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए गाय के मूत्र से बालों की मालिश करें और फिर बालों को गुनगुने पानी से धो लें। ऐसा करने से आपके बाल झड़ना बंद हो जायेंगे और बालों की अन्य समस्याओं से भी धीरे धीरे छुटकारा मिलने लगेगा।

4. पेट दर्द

अक्सर बच्चों को पेट दर्द, गैस व कब्ज़ की शिकायत होने लगती है। ऐसे में एक चम्मच ताज़ा गौ मूत्र में थोड़ा सा काला नमक मिलाकर पीने से शीघ्र आराम मिलता है।

5. पेट के कीड़े होने पर

अगर बच्चों के पेट में कीड़े हो जाए तो 1 चम्मच गोमूत्र में थोड़ा राई पाउडर और सेंधा नमक मिलाकर सेवन करने से पेट के कीड़े मर जायेंगे और पेट दर्द से भी छुटकारा मिल जाएगा।

6. कान दर्द

कान में दर्द हो या कान बहता हो, ऐसे में बस गुनगुने 2 बूंद गोमूत्र को कान में दिन में 3 बार डालें। इससे कान दर्द में आराम मिलेगा।

7. ज़ुक़ाम व खांसी

ज़ुक़ाम व खांसी में गाय के मूत्र का सेवन रामबाण की तरह काम करता है। इसके लिए बस 2 चम्मच गुनगुने गोमूत्र में थोड़ी पिसी हल्दी मिलाकर सेवन करने से तत्काल लाभ मिलता है।

8. पीलिया रोग

पीलिया रोग होने पर रोज़ाना ताज़े गौ मूत्र का सेवन करें। इससे कुछ ही दिनों में बहुत आराम मिलेगा। साथ ही पीलिया रोग समाप्त हो जाएगा।

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