आंतों के कीड़ों को आंत्रकृमि व अंग्रेजी में इंटेस्टाइनल वर्म्स ‌_ Intestinal Worms कहते हैं। ये परपोषी होते हैं और अपनी सारी पोषण सम्बन्धी आवश्यकताएं हमारे शरीर से ही पूरी करते हैं। इसीलिए आंत्रकृमि से पीड़ित व्यक्ति अच्छा खाना खाने के बाद भी कुपोषण का शिकार हो जाता है। आंतों में कीड़े की समस्या बच्चों व बड़ों दोनों को हो सकती है। ये आंत्रकृमि आंतों में घाव कर देते हैं। जिससे रोगी को बेचैनी, बदहज़मी, पेट में दर्द व गैस की समस्या, दिल की धड़कन का असामान्‍य होना जैसी कई प्रकार की समस्‍याएं होने लगती हैं। जिससे रोगी शरीर से बहुत कमज़ोर हो जाता है। इसीलिए आंत में कीड़े के लक्षण नज़र आने पर घरेलू उपचार करें और डॉक्टरी सलाह भी अवश्य लें…

आंतों के कीड़े
Taperworm Hindi

आंतों में कीड़े होने के कारण

– मिट्टी खाने की आदत का होना
– ठीक से हाथ को धुले बिना भोजन ग्रहण करना
– नाख़ूनों को न काटना और इन्हें चबाने की बुरी आदत का होना
– बाज़ार का खुला व दूषित भोजन ग्रहण करना
– साफ सफाई का ध्यान न रखना
– अधिक मीठा खाने की आदत का होना

प्रमुख आंत्रकृमियों के नाम

– थ्रेडवर्म
– हुकवर्म
– राउंडवर्म
– व्हीपवर्म
– टेपवर्म
– टीनिया सोलियम

आंतों में कीड़े होने के प्रमुख लक्षण

कुपोषण का शिकार होना
– कुपोषण के कारण चेहरा पीला पड़ जाना
– लीवर बढ़ जाने के कारण बच्चे का पेट फूल जाना
– सामान्य से अधिक भूख का लगना या भूख का कम हो जाना
– हल्का बुखार व सिर दर्द बना रहना
– शरीर का कमजोर हो जाना और कमजोरी के कारण चक्कर आना
– पेट में अक्सर दर्द होना
– पाचन क्रिया का बिगड़ जाना

कृमि रोग का घरेलू उपचार

1. अजवाइन

अजवायन का सेवन दिन में 3 बार करने से पेट के कीड़े मर जाते हैं। इसके अलावा 1 चम्मच गुड़ में 1 चम्मच अजवायन का चूर्ण मिलाकर दिन में तीन बार सेवन करने से आंत के कीड़े पूरी तरह से समाप्‍त हो जाते हैं।

पेट के कीड़े
Intestinal Worms Hindi

2. काला नमक

आधा चम्मच काला नमक और 2 चम्मच अजवाइन को पीसकर इस चूर्ण को रोज़ाना सुबह शाम गरम पानी के साथ लेने से कृमि रोग ख़त्म हो जाता है।

3. अनार के छिलके

अनार के छिलकों को सुखाकर इसका चूर्ण बना लीजिए। यह चूर्ण दिन में तीन बार एक-एक चम्मच फांक लीजिए। कुछ दिनों तक इसका सेवन करने से आंत के कीड़े पूरी तरह से नष्‍ट हो जाते हैं।

4. नीम के पत्‍ते

पेट के कीड़ों को नष्‍ट करने के लिए नीम के पत्‍तों को पीसकर उसमें शहद मिलकार सुबह सुबह सेवन करने से कीड़े नष्‍ट हो जाते हैं।

5. लहसुन की चटनी

कृमि रोग होने पर लहसुन की चटनी में थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर सुबह शाम खाने से पेट के कीड़े नष्ट हो जाते हैं।

6. तुलसी के पत्तों का रस

पेट में कीड़े होने पर तुलसी के पत्तों का एक चम्मच रस दिन में दो बार पीने से आंत्रकृमि मरकर मल के साथ बाहर निकल जाते हैं।

7. कच्‍चे आम की गुठली

बच्‍चों या बड़ों की आंत में कीड़े पड़ गये हों तो कच्चे आम की गुठली को पीसकर दही या पानी के साथ सुबह शाम नियमित सेवन करने से कुछ दिनों में ही आंत के कीड़े बाहर निकल जायेंगे।