अगर आप माँ बनने वाली है, तो यह ज़रूरी है कि आप अपने गर्भ में पल रहे शिशु के लिए सभी पोषक तत्वों से युक्त आहार का सेवन करें। ताकि उसे सभी ज़रूरी पोषक तत्व मिल सकें। एक माँ को सभी पोषक तत्वों के साथ साथ गर्भावस्था में आयरन से युक्त आहार का भी सेवन ज़रूर करना चाहिए। एक शोध के अनुसार गर्भवती महिलाओं को रोज़ाना 100 ग्राम हरी पत्तेदार सब्ज़ियों का जैसे पालक, सरसों का साग, हरा प्याज, हरा शिमलामिर्च, पुदीना, मूली के पत्ते, सोया और मेथी का साग का सेवन करना चाहिए क्योंकि इनमें आयरन और फॉलिक एसिड दोनों की भरपूर मात्रा होती है। इसीलिए गर्भवती महिलाएं इन्हें रोज़ाना अपने आहार में ज़रूर शामिल करें। साथ ही गर्भवस्था में डॉक्टर से मिलकर उनकी सलाह से उचित आहार का सेवन ज़रूर करें और अपना उचित ध्यान रखें।

गर्भावस्था में आयरन

गर्भावस्था में आयरन की आवश्यकता

प्रेग्नेंसी में आपको आयरन की आवश्यकता हीमोग्लोबिन बनाने के लिए होती है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला प्रोटीन है, जो शरीर के विभिन्न अंगों तथा ऊतकों में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। लेकिन जब कोई महिला गर्भवती होती है तो उसके शरीर को सामान्य से 50 प्रतिशत अधिक रक्त की ज़रूरत पड़ती है। यदि गर्भवती महिला को उसके शरीर की ज़रूरत के हिसाब से आयरन नहीं मिल पाता तो उसे एनीमिया रोग हो सकता है। इसीलिए आयरन युक्त आहार का सेवन ज़रूर करें। तभी तो माँ के साथ उसका शिशु भी स्वस्थ रहेगा।

गर्भावस्था में आयरन की मात्रा

भारत में अधिकांश महिलाएं शाकाहारी है और शाकाहारी आहार से उनका शरीर उतना अधिक आयरन अवशोषित नहीं कर पता जितनी कि उन्हें ज़रूरत होती है। इसीलिए अधिकांश महिलाओं में हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य से कम पाया जाता है और यही कारण है कि महिलाओं को गर्भ धारण करने के साथ ही आयरन की गोलियां लेने की सलाह दी जाती है। ताकि गर्भवस्था के समय आयरन की कमी न हो जाए, अगर गर्भावस्था के समय में आयरन की कमी हो जाए तो कई सारी समस्याएं जैसे शिशु का अपनी उम्र के हिसाब से छोटा होना, समय से पहले शिशु का जन्म होना या शिशु के जन्म के समय कम वज़न होना आदि कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

एक शोध के अनुसार गर्भवती महिलाओं को रोज़ाना 38 मि.ग्रा. आयरन की ज़रूरत होती है। जबकि अधिकांश महिलाओं को शाकाहारी आहार से केवल 18 मि.ग्रा. आयरन ही मिल पाता है। इसलिए एनीमिया से बचने के लिए डॉक्टर गर्भवती महिलाओं को आयरन सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं।

आयरन के स्रोत

1. मांसाहारी स्रोत

आयरन के मांसाहारी स्रोत में मटन और चिकन की जाँघों और टांगों में पाया जाने वाला गहरे रंग का मांस अच्छा माना जाता है।

2. शाकाहारी स्रोत

हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, सरसों, हरा प्याज, हरा शिमलामिर्च, पुदीना, मूली के पत्ते, हरी गोभी, सोया और मेथी का साग आयरन के अच्छे स्रोत हैं। इसके अलावा चुकंदर, कद्दू, शकरकंद, काजू के बीज, कद्दू के बीज, सरसों के बीज, तिल, पिस्ता, किशमिश, अखरोट, लोबिया, राजमा, सूखी मटर, छोले, साबुत काले चने और दालों में भी आयरन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

आयरन का स्तर बढ़ाने वाले आहार

– आयरन का स्तर बढ़ाने के लिए भोजन के साथ विटामिन सी युक्त आहार जैसे खट्टे फल, नींबू पानी या संतरे के रस का सेवन करें।

– इसके अलावा भोजन के साथ एक कटोरी अंकुरित चना या दाल का सेवन करें।

आयरन के अवशोषण में अवरोध उत्पन्न करने वाले तत्व

अक्सर आप लोग आयरन युक्त भोजन तो ग्रहण करते हैं लेकिन इसके बावजूद भी ये तत्व शरीर में आसानी से समाहित नहीं हो पाते हैं। क्योंकि कभी कभी आप लोग आयरन युक्त भोजन के साथ साथ कुछ अन्य चीज़ों का सेवन करते हैं। जो शरीर में आयरन के अवशोषण में अवरोध उत्पन्न कर सकता है, जैसे –

1. भोजन लेने के एक घंटे पहले और एक घंटे बाद में कॉफी या चाय का सेवन न करें, क्योंकि चाय या कॉफ़ी में टैनिन नामक तत्व पाया जाता है, जो आयरन को अवशोषित करने में रुकावट डाल सकता है।

2. गर्भावस्था में आयरन युक्त भोजन लेने के एक घंटे पहले और एक घंटा बाद में पूर्ण अनाज से बनी चीज़ों जैसे चक्की का आटा, अनाज वाली ब्रेड या पास्ता का सेवन न करें, क्योंकि इनमें फाइटिक एसिड पाया जाता है, जो आयरन को अवशोषित करने में रुकावट डाल सकता है।

लेकिन एक बात का हमेशा ध्यान रखें कि इसकी हमेशा उचित मात्रा ही शरीर को लाभान्वित कर सकती है। इसीलिए डॉक्टरी सलाह अवश्य लेते रहें।