आयुर्वेद के अनुसार परस्पर विरोधी भोजन को एक साथ नहीं खाना चाहिए क्योंकि इनका एक साथ सेवन करना विष-समान माना गया है। जो स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचा सकता है।अगर आप स्वस्थ रहना चाहते है और ख़ुशहाल जीवन जीना चाहते है तो इन परस्पर विरोधी भोजन को एक साथ सेवन करने से बचें।

इनके एक साथ सेवन से पाचन तंत्र बिगड़ जाता है और अपच की समस्या परेशान करने लगती है जिससे आपकी सेहत बिगड़ जाती है और आप रोगों के शिकार हो जाते है। इसलिए आज से ही आहार में विपरीत पदार्थों के सेवन करने से बचें…

परस्पर विरोधी भोजन

परस्पर विरोधी भोजन की जानकारी

1. प्याज और दूध का सेवन कभी एक साथ न करें। इनको एक साथ खाने से सबसे ज़्यादा चमड़ी के रोग , दाद , खाज , खुजली, एगसिमा , सोराईसिस आदि नामक रोग होते हैं, इसलिए इन दोनों का एक साथ सेवन करने से बचें।

2. कटहल और दूध को कभी एक साथ न खाएं । ये भी जानी दुश्मन हैं ।

3. खट्टे फल जैसे संतरा , इमली , कच्चा आम , अमचूर आदि के साथ दूध का सेवन सेहत के लिए नुक़सानदेह है।

4. शहद और घी को भी कभी एक साथ मिक्स करके नहीं खाना चाहिए। लेकिन पंचामृत में जब दूध, दही, चीनी के साथ घी और शहद का मेल होता है तो उनका विरोधीपन क्षीण हो जाता है।

5. उरद की दाल और दही का एक साथ सेवन सेहत के लिए हानिप्रद हो सकता है। इसका एक साथ सेवन करने से सामान्य बीपी से 22 से 25 % बीपी बढ़ जाता है और इसके लगातार सेवन से लगभग 6 महीने में हार्टटैक भी आ सकता है।

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6. दूध और खट्टा फल जैसे आम को एक साथ मिक्स करके नहीं खाना चाहिए। इनके सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिप्रद है।

7. हल्दी और दही को भी एक साथ प्रयोग में न लाएं। इनके एक साथ सेवन से पीलिया होने की सम्भावना रहती है।

8. मछली को दूध , गुड़ , शक्कर या शहद आदि के साथ सेवन नहीं करना चाहिए।

9. कांसे के बर्तन में यदि घी दस-बारह दिनों तक रखा रहे तो वह ज़हर बन जाता है इसलिए घी को सदैव कांच या चीनी-मिट्टी के बरतन में ही रखें।

भोजन करते समय इन विपरीत खाद्य पदार्थों का अवश्य ध्यान रखें ताकि आप और आपका स्वास्थ्य उत्तम बना रहें।