मूली गाजर की तरह ज़मीन के भीतर कंद रूप में होने वाली पत्तेदार सब्ज़ी है। जो दिसम्बर से मार्च तक बहुतायात से पैदा होती है। मूली सफेद रंग और गुलाबी रंग इन दोनों रंगों में पाई जाती है। यह स्वाद में तीखी होती है। जो भोजन के साथ सलाद, अचार या रायता बनाकर खाई जाती है। कुछ लोग मूली की सब्ज़ी या मूली के पत्ते की सब्ज़ी बनाकर खाना पसंद करते हैं। आयुर्वेद में मूली को औषधि के रूप में माना गया है जो कई रोगों का उपचार करने में सहायक है।

मूली के गुण

मूली स्वाद में कड़वी और रूचिवर्द्धक होती है। यह जठराग्नि को तेज़ करती है जिससे भोजन आसानी से पच जाता है। मूली को घी में भूनकर खाने से वात, पित्त और कफ तीनों दोषों का शमन होता है। मूली तिल्ली के रोगियों के लिए लाभदायक है। मूली के पत्ते या उसका रस का सेवन अफारा (पेट फूलना), स्त्रियों को मासिक स्राव में पीड़ा होना, हिचकी, सूजन, गैस, बवासीर, पीलिया, अपच आदि रोगों में बहुत लाभकारी है।

मूली

मूली के पत्ते के फायदे

जितनी मूली गुणकारी है उतनी ही मूली के पत्ते भी फ़ायदेमंद है। मूली के पत्ते अधिक मात्रा में खाने से पेशाब और दस्त साफ़ आते हैं। इसके अलावा पुरानी कब्ज़ में मूली का साग रोज़ाना खाने से भी बहुत फ़ायदा होता है।

मूली के पोषक तत्व

मूली में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, लौहतत्व, फॉस्फोरस, आयरन, विटामिन ए, विटामिन सी और पोटैशियम आदि भी पाया जाता है।

मूली से घरेलू उपचार

1. गैस की समस्या

भोजन के बाद मूली के रस में नींबू का रस मिलाकर पीने से पेट में होने वाला दर्द या गैस की समस्या दूर हो जाती है।

2. पेशाब में जलन

आधा गिलास मूली के रस का सेवन करने से पेशाब के साथ होने वाली जलन और दर्द दूर हो जाता है।

3. ख़ूनी बवासीर

मूली के पत्ते और सफेद कंद निकाल कर पत्तों के नीचे वाला हरा भाग पीसकर रस निकालें। फिर उसमें 5 ग्राम देसी घी मिलाकर रोज़ सुबह सेवन करने से ख़ूनी बवासीर में लाभ मिलता है।

4. कान दर्द

कान में दर्द होने पर मूली के पत्तों के रस को गुनगुना कर लें और इस गुनगुने रस को कान में डालने से दर्द धीरे धीरे कम होने लगता है।

5. आंव की समस्या

मूली के रस में गाजर का रस मिलाकर सेवन करने से आंव से छुटकारा मिलता है।

6. पेट दर्द

मूली के रस में काला या सेंधानमक मिलाकर सेवन करने से पेट दर्द में राहत मिलती है।

7. अनियमित मासिक स्त्राव

अगर महिलाओं में मासिक धर्म ठीक से न आता हो तो मूली के बीज का चूर्ण बनाकर 3 ग्राम की मात्रा में सुबह शाम जल के साथ सेवन करने से लाभ मिलता है।

8. मधुमेह या पीलिया रोग में

मधुमेह या पीलिया रोगी सुबह शाम 50 ग्राम मूली के पत्तों का रस सेवन करें। इससे उसे बेहद आराम मिलेगा।

9. दांतों का पीलापन दूर करें

अगर दांतों पर पीलापन हो तो पीलापन दूर करने के लिए मूली के टुकड़े पर नींबू का रस लगाकर दांतों पर धीरे-धीरे मलें इससे दांत साफ़ हो जायेंगे।

10. हीमोग्लोबिन की कमी दूर करें

आधा गिलास मूली के रस में आधा गिलास अनार का रस मिला कर पीने से हीमोग्लोबिन बढ़ता है। साथ ही चुकंदर खाने से भी फायदा होता है।

टिप्स

– मूली खाने के बाद थोड़ा गुड़ खाने से यह आसानी से पच जाती है।
– मूली खाकर ऊपर से दूध नहीं पीना चाहिए।
– ख़ाली पेट मूली नहीं खानी चाहिए।
– रात को मूली नहीं खानी चाहिए।