जब बालिकाओं में मासिक धर्म की प्रक्रिया शुरू होती है, तब इसके साथ साथ उनमें कुछ शारीरिक और मानसिक परिवर्तन होता है। जिससे उनके स्वभाव में भी परिवर्तन होता है। मासिक धर्म की प्रक्रिया एक ख़ास प्रक्रिया है जिसके कारण ही वो गर्भ को धारण कर पाती है। जिस तरह से मासिक धर्म एक अवस्था में प्रारम्भ होता है। ठीक वैसे ही महिलाओं में जब मासिकधर्म पूरी तरह से समाप्‍त हो जाता है तब उस स्थिति को मेनोपॉज यानी रजोनिवृत्‍ति कहते हैं। रजोनिवृत्ति 45 से 55 साल के बीच की उम्र में होता है। रजोनिवृत्ति होने पर स्त्री के शरीर में शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार के पविर्तन हो जाते हैं।

रजोनिवृत्ति

रजोनिवृत्ति के लक्षण

हर महिला में इसके अलग अलग लक्षण नज़र आते हैं। लेकिन इनमें सबसे आम लक्षण मोटापे का बढ़ना और बहुत अधिक पसीना आना है। इसके अलावा शरीर के अलग अलग भागों में दर्द रहना, नींद न आना, रात को बेचैनी, चिड़चिड़ापन, उदास रहना, थकान, सेक्‍स में रुचि न लेना, योनि में सूखापन, बालों का झड़ना, स्वभाव में काफी तेज़ी से परिवर्तन होना, अधिक भूख लगना, कूल्हों की मांसपेशियों में दर्द, मूत्र निकासी के भाग में दर्द, भावनात्मक परेशानियां, डर, मनोवैज्ञानिक समस्याएं, असुरक्षा की भावना, स्तनों में सूजन, गुप्तांगों के बालों में कमी आना, स्तनों की त्वचा पर झुर्रियां पड़ना आदि लक्षण नज़र आते हैं।

1. हड्डियों में कमज़ोरी

एक शोध के अनुसार मेनोपॉज के बाद कुछ महिलाओं की हड्डियां कमजोर होने लगती है। इसीलिए इन महिलाओं को अपने आहार में कैल्‍शियम युक्त आहार जैसे दूध, पनीर, दही को ज़रूर शामिल करना चाहिए।

2. हार्मोन में बदलाव

रजोनिवृत्ति के प्रारम्भ के समय में कई सारे शारीरिक और मानसिक परिवर्तन होते हैं और हार्मोन में बदलाव भी होते है। जिससे स्वभाव में परिवर्तन होता है और इसी वजह से सिरदर्द भी होने लगता है। लेकिन धीरे धीरे यह भी चला जाता है।

3. पेशाब की समस्या

रजोनिवृत्ति के पहले चरण में मूत्र संबंधी समस्याएँ जैसे पेशाब जोर से आना, बार- बार आना, पेशाब रोकने में कठिनाई होना आदि कठिनाई सामने आ सकती है।

4. ऑस्‍ट्रेजन हार्मोन की कमी

महिलाओं में मेनोपॉज के दौरान ऑस्‍ट्रेजन नामक हार्मोन की कमी हो जाती है और योनि अपनी शक्ति खो देती है। चूँकि ये ऑस्‍ट्रेजन नामक हार्मोन योनि को शिथिल होने से रोकता है इसीलिए इस हार्मोन के कम होने पर योनि ढीली हो जाती है और सेक्‍स की इच्‍छा भी कम होने लगती है।

अगर आप भी यह सब परिवर्तन महसूस करने लगी हैं तो आप अपने डॉक्‍टर से जरुर मिलें।

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