किवी फ्रूट के लाभ

किवी फ्रूट खाने के 14 कारण

Kiwi Fruit in Hindi: किवी फ्रूट लोगों को अपने बेतरीन हरे रंग और लाजवाब स्वाद के कारण आकर्षित करता है। लेकिन किवी फल का असली गुण इसके अदभुत स्वास्थ्य लाभ हैं। किवी के 14 स्वास्थ्य लाभ, रोचक तथ्य और इस पॉवरफूड के बारे में बहुत सी बातें जानिए।

किवी फ्रूट के लाभ
Kiwi fruit health benefits in Hindi

किवी फ्रूट के 14 स्वास्थ्य लाभ

14 Kiwi Fruit Benefits in Hindi

1. एंजाइम्स द्वारा पाचन क्रिया में सुधार

कीवी फ्रूट में एक्टिनिडेन, एक प्रोटीन घोलने वाला एंजाइम होता है जो भोजन पचाने में मदद करता है। जिस तरह पपीते में पैपेन और अन्नानास में ब्रोमीलेन होता है।

2. ब्लड प्रेशर नियंत्रण

किवी में मौजूद पोटैशियम का उच्च स्तर इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित करता है। यह सोडियम के विपरीत काम करता है।

3. डीएनए को क्षति से बचाए

कोलिंस, होर्स्का और हॉटेन के अध्ययन द्वारा पता चला है, किवी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स का अनोखा तालमेल डीएनए कोशिका को ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाता है। कुछ एक्सपर्ट्स के अनुसार यह कैंसर से भी बचाता है।

4. इम्यूनिटी बढ़ाए

कीवी फ्रूट में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो इम्यून सिस्टम को बूस्ट करते हैं।

5. वज़न घटाने में मददगार

किवी में कम ग्लाइसीमिक इंडेक्स और हाइ फ़ाइबर कंटेंट होता है। इस वजह से इंसुलिन रश नहीं होता और शरीर में चर्बी नहीं जमा हो पाती है।

6. पाचन क्रिया सुधारे

किवी फल में प्रचुर मात्रा में रेशे होते हैं। इसे खाने से कब्ज़ और दूसरी आंत संबंधी समस्याएं नहीं हो पाती हैं।

7. टॉक्सिंस ख़त्म करे

किवी फल का फ़ज़्ज़ी फ़ाइबर आंत से टॉक्सिंस को बांधकर बाहर निकाल देते हैं।

8. दिल की बीमारियों से बचाव

हर दिन 2 से 3 किवी खाने से ब्लड क्लाटिंग 18% और ट्राइग्लिस्राइड्स 15% कम हो जाती है। बहुत से लोग ब्लड क्लाटिंग कम करने के लिए एस्पिरिन का प्रयोग करते हैं, जिसके कारण आंत में जलन और ब्लीडिंग हो सकती है। किवी फल में एंटी क्लाटिंग गुण होते हैं और कोई साइड इफ़ेक्ट भी नहीं होता है। साथ साथ बहुत से स्वास्थ्य लाभ मिलता है।

9. डायबेटिक मरीज़ के लिए उत्तम

किवी में ग्लाइसीमिक इंडेक्स कम होने से ब्लड शुगर जल्दी नहीं बढ़ता है। इसका ग्लासीमिक लोड 4 है, जिस कारण यह मधुमेह के रोगियों के लिए सुरक्षित है।

10. आंखों की रोशनी बढ़ाए

बुढ़ापे की ओर अग्रसर व्यक्तियों में मैकुलर डीजेनेरेशन के कारण आंखों की रोशनी कम होने लगती है। एक लाख से अधिक लोगों पर किए गए अध्ययन के अनुसर 3 किवी रोज़ खाने से मैकुलर डीजेनेरेशन 30% कम हो जाता है। किवी में लूटीन और ज़ियाज़ैंथिन होता है, जो आंखों के रोग खत्म करता है।

11. एल्कलाइन बैलेंस बनाए

किवी में प्रचुर एल्कलाइन तत्व होते हैं, जो मिनिरल्स को बढ़ाकर अतिरिक्त एसिड को शरीर में कम करता है। एल्कलाइन और एसिड के संतुलन से जवां त्वचा, अच्छी नींद और शारीरिक ऊर्जा मिलती है। सर्दी से सुरक्षा, गठिया से बचाव और ऑस्टियोपोरोसिस में कमी होती है।

12. त्वचा की रक्षा

किवी में विटामिन ई और त्वचा का विघटन कम करने वाला एंटीऑक्सीडेंट होता है।

13. लाजवाब स्वाद

किवी का स्वाद बेहद लाजवाब होता है। बच्चों को भी इसका स्वाद बहुत पसंद होता है।

न्यूट्रिशनल बैलेंस के लिए सभी तरह के फल खाने चाहिए। हर फल में अनोखे गुण और शक्ति होती है। हम सभी तरह के फल न खाकर अपनी पसंद के फल खाते हैं, इसलिए न्यूट्रिशन में कमी रह जाती है।

14. पेस्टिसाइड्स से सुरक्षित

किवी फ्रूट पेस्टिसाइड रेज़िड्यूज़ से सुरक्षित होता है। इसलिए इसे सुरक्षित फल की श्रेणी में रखा गया है।

किवी फल के बारे में रोचक तथ्य

– किवी फल का नाम न्यू ज़ीलैंड के किवी बर्ड के नाम पर रखा गया है, क्योंकि दोनों छोटे, भूरे और फ़र वाले हैं।

– सभी किवी फ़्रूट फ़ज़्ज़ी नहीं होते हैं। लेकिन अधिक लोकप्रिय प्रजाति को फ़ज़्ज़ी किवी फ़्रूट कहा जाता है। यह फल सुनहरे रंग का भी होता है, जिसका छिलका चिकना और ब्रांज कलर का होता है। गोल्डेन किवी मीठा और ख़ुशबूदार होता है।

– किवी एक चाइनीज़ फल है, लेकिन 60 साल पहले उत्तरी अमेरिका इसकी जानकारी पहुंची। 1962 में पहली बार इसे यूएस में जाना गया।

– किवी को किसी भी तापमान वाले मौसम में बढ़ता है, लेकिन इटली, न्यू ज़ीलैंड और चिली में इसकी पैदावार ज़्यादा है।

– आप इसका फ़ज़्ज़ खा सकते हैं।

Kiwi fruits on branches
Kiwi fruits on branches

किवी फल खाने का तरीका

– अगर किवी फल को उंगली से दबाने न दबे तो इसे कमरे के तापमान (27 डिग्री सेल्सियस) पर पकने के लिए धूप से दूर रखें।

– एक पेपर बैग में केले, सेब या नाशपाती के साथ रख किवी को जल्दी पकाया जा सकता है।

– पकने के बाद किवी फ्रूट को दूसरे फलों से अलग रखना चाहिए। फ्रिज में भी ऐसा ही करें।

– कच्चे किवी में एक्टिनिडेन होने के कारण इसका प्रयोग मिठाइयां बनाने में नहीं हो पाता है। इसे खाने वाली चीज़े मशी हो जाती है और सेट न नहीं हो पाती हैं।

सावधानी

किवी फ्रूट में ओक्ज़लेट होता है। अगर शरीर के द्रव्य में यह ज़्यादा जमा हो जाए तो उसे क्रिस्टलाइज़ कर सकता है और हेल्थ प्रॉब्लम हो सकती है। जिनको किडनी और गाल्ब्लैडर की समस्या हो, उन्हें इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

किवी में लैटेक्स-फ्रूट एलर्जी सिंड्रोम वाला एंजाइम होता है। जिसे लैटेक्स एलर्जी हो, उसे किवी से भी एलर्जी होगी। एथलीन गैस से पका हुआ फल ऑर्गैनिक रूप से पके फल की तुलना में ज़्यादा एलर्जिक हो सकता है। इसे कुक करके खाने से एंजाइम का असर ख़त्म हो जाता है।

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