सहवास के बाद मासिक धर्म के बंद हो जाने पर महिलाओं को ये आशंका हो जाती है कि कहीं वो गर्भवती तो नहीं है। क्योंकि जब कोई महिला गर्भवती होती है तो गर्भ धारण करने पर प्रारम्भ में उसे कई लक्षण जैसे पीरियड्स का रुक जाना, उलटी आना, चक्कर आना, पीठ में दर्द, थकान महसूस होना, बार बार पेशाब आना और स्तनों में दर्द व तनाव होना आदि लक्षण नज़र आने लगते हैं। लेकिन हर महिला में ये लक्षण एक समान नहीं होते हैं। तो आज हम भी आपको गर्भावस्था के शुरुआती लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें जानने के बाद आपको यह जानने में आसानी होगी कि आप गर्भवती हुई हैं या नहीं हुई हैं।

गर्भावस्था लक्षण

गर्भावस्था के प्रारम्भिक लक्षण

1. स्‍तनों के आकार में परिवर्तन

गर्भावस्था के शुरुआती लक्षणों में स्त्रियों के स्तन थोड़े बड़े, भारी और सूजे हुए लग सकते हैं। निपल्‍स के आसपास के हिस्‍से में यानि एरोला में ज़्यादा कालापन और त्वचा में नीली नसें भी देखी जा सकती हैं। इसके अलावा गर्भ धारण करने पर हार्मोन स्तनों में रक्त आपूर्ति को बढ़ा देता है, जिससे निप्पल के आसपास सनसनाहट भी महसूस हो सकती है।

2. थकान

गर्भवती होने पर थकान का महसूस होना एक सामान्य बात है, क्योंकि इस समय आपके शरीर में एक भ्रूण का विकास हो रहा होता है, जिससे आपके शरीर में कई सारे परिवर्तन होते हैं और आपका शरीर जल्दी थक जाता है।

3. जी मचलाना या उल्टी आना

जब कोई स्त्री गर्भ धारण करती है तो उस अवस्था में कई सारे शारीरिक परिवर्तन होते हैं और इन परिवर्तनों के कारण ही सुबह, दोपहर या शाम को जी मचलाना या उल्टी आने की समस्‍या हो सकती है। अक्सर यह समस्या गर्भावस्था के छठे हफ्ते में शुरु होती है, लेकिन कभी-कभी यह चौथे सप्ताह में भी शुरु हो सकती है।

4. मासिक धर्म का देर से आना या रुकना

गर्भावस्‍था के प्रारंभिक लक्षणों में से ए‍क लक्षण मासिक धर्म का देर से आना या रुक जाना भी है। मगर सभी महिलाओं में यह लक्षण नज़र आए यह ज़रूरी नहीं है।

5. बार-बार पेशाब का आना

जब कोई महिला गर्भ धारण करती है तो उसके हार्मोन्स में बहुत तेज़ी से परिवर्तन होता है। जिससे शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के बदलाव होते हैं। इन्हीं बदलाव के कारण ही महिलाओं को बार बार पेशाब के लिए जाना पड़ता है।

6. स्वभाव में परिवर्तन

अगर आपका मूड थोड़े थोड़े समय पर बदल रहा है। कभी गुस्सा करने का तो कभी शांत रहने का मन कर रहा हो तो स्वभाव का यह परिवर्तन भी प्रेग्‍नेंसी के शुरूआती लक्षणों में से एक हो सकता है।

Positive pregnancy

7. सिरदर्द और पीठ दर्द

कभी कभी कुछ महिलाओं को गर्भावस्था के शुरुआती समय में पीठदर्द और सिर दर्द की शिक़ायत भी हो सकती है।

8. पेट का फूलना

गर्भावस्‍था के समय हार्मोन में परिवर्तन होता है। धीरे धीरे भ्रूण का विकास भी होने लगता है जिससे धीरे धीरे पेट फूलना शुरू हो जाता है और शरीर में सूजन भी आ जाती है।

9. ऐंठन या मरोड़

गर्भावस्था के लक्षणों में एक लक्षण पेट में ऐंठन या मरोड़ का महसूस होना भी है। क्योंकि इस अवस्था में पेट में भ्रूण के विकास के कारण खिंचाव आता है और इसी खिंचाव के कारण पेट में दर्द या मरोड़ महसूस होता है। साथ ही त्वचा भी फटी फटी सी लगने लगती है।

10. साधारण खाने से अरूचि होना

गर्भ धारण करने के शुरूआती समय में हार्मोन्स में परिवर्तन होते हैं और इन्हीं परिवर्तनों के कारण साधारण खाने से अरूचि होने लगती है और भोजन में तीखा, खट्टा या चटपटा खाने का मन करता है। अगर आपके साथ भी ऐसा है तो समझिए आपके पेट में कोई नन्‍हीं जान पल रही है।

11. सांस लेने में भारीपन महसूस होना

अगर आप प्रेग्‍नेंट है। तो आपके गर्भ में पल रहे भ्रूण को विकास के लिए ऑक्‍सीजन की आवश्‍यकता होती है जो उसे आपसे मिलती है। इसीलिए जब आप सीढियां चढ़ती या उतरती है तो साँस लेने में आपको भारीपन महसूस होता है। ये भी गर्भावस्था के शुरुआती लक्षणों में से एक लक्षण है।

12. प्रेग्नेंसी टेस्ट

आप प्रेग्नेंट है या नहीं, यह पता करने का एक तरीका प्रेग्नेंसी टेस्ट भी है। जिसे आप घर पर ही कर सकती है। इसके लिए घर पर ही प्रेग्नेंसी किट लाकर यूरीन की कुछ बूंदों के द्वारा जाँच लें। इसके सकारात्मक या नकारात्मक परिणाम आपको तुरन्त ही प्राप्त हो जाएंगे।

ये तो कुछ गर्भावस्था के प्रारंभिक लक्षण थे। जो सभी स्त्रियों में एक समान नहीं पाए जाते हैं। सभी स्त्रियों में इसके लक्षण अलग अलग नज़र आते हैं।