सफेद रंग के खुशबूदार चमेली के फूलों से तो आप सभी परिचित होंगे। इस फूल की महक के कारण लोग अपने बगीचे में चमेली का पौधा लगाना पसंद करते हैं। चमेली को अंग्रेजी में Jasmine कहा जाता है। चमेली फूल का नाम पारसी शब्द यासमीन से लिया गया है, जिसका अर्थ प्रभु की देन है। चमेली का फूल सफेद रंग का और खुशबूदार होता है जो किसी के भी मन को सहसा अपनी ओर आकर्षित कर लेता है। हनुमान जी को भी चमेली बहुत पसंद है। इसलिए हनुमान जी को चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर सिंदूरी रंगा जाता है और चमेली के तेल में दिया भी जलाया जाता है। चमेली के फूल देखने में जितने सुंदर उतने ही गुणकारी भी हैं। इसके अलावा चमेली का तेल और चमेली का इत्र ये दोनों भी बहुत उपयोगी है।

चमेली के तेल के अनूठे लाभ

1. यौन उत्तेजना को बढ़ाने में सहायक

चमेली का तेल या चमेली के फूलों की खुश्बू या फिर जैसमीन रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल कामोत्तेजना या यौन भावना को बढ़ाने में सहायक है। दरहसल चमेली का तेल मानव इंद्रियों पर शक्तिशाली वासना उत्तेजक प्रभाव डालता है जिससे इस तेल की मसाज करने से या चमेली के फूलों की महक से शरीर में तेजी से ऊर्जा का संचार होता है। इसलिए इसे कामोत्तेजक भी माना जाता है।

2. घाव या चोट ठीक करें

चमेली का तेल एक एन्टीसेप्टिक रूप में भी काम करता है। अगर किसी को चोट लग जाए या घाव हो जाए तो चमेली के तेल में रुई के फोहे को डुबोकर चोट या घाव पर लगाने से दर्द भी कम हो जाता है और घाव भी भरने लगता है।

चमेली के फूल की खुश्बू के फ़ायदे

1. तनाव मुक्त करें

अगर आप बेहद तनाव में हो तो बस चमेली के फूलों को थोड़ी देर अपने पास रखें। इसकी खुश्बू से आपका मूड भी ठीक हो जाएगा और तनाव छू मन्तर हो जाएगा।

2. एरोमाथेरेपी में उपयोग

एरोमाथेरेपी जिसमे कई तरह की सुगंध का उपयोग करके शरीर की मांसपेशियों को रिलैक्स फ़ील कराया जाता है। जिसमें चमेली के फूल की खुश्बू का भी उपयोग किया जाता है। इसके लिए चमेली के तेल में नारियल का तेल मिलाएँ और फिर शरीर पर इस तेल से मसाज करें। इस मसाज़ से आपके शरीर को बहुत आराम मिलता है और शारीरिक थकान भी गायब हो जाती है।

3. जैसमीन स्प्रे के रूप में उपयोग

यह एक बेहतरीन और खुशबूदार स्प्रे के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है। इस स्प्रे का उपयोग आप शरीर की दुर्गन्ध को भगाने के लिए या अपने कमरे को महकाने के लिए भी कर सकते हैं। घर पर जैसमीन स्प्रे बनाने के लिए सबसे पहले एक स्‍प्रे बोतल लेकर उसमें पानी डालें। फिर इस पानी में चमेली का तेल 2 चम्मच डालें। अब बोतल को बंद करके अच्‍छे से हिला लें ताकि मिश्रण अच्छे से मिक्स हो जाए। अब जब मन करे तब सुगन्धित जैसमीन स्प्रे का उपयोग करें।

चमेली के पत्तों से घरेलू उपचार

1. पेट रोग में लाभप्रद

यदि पेट में कीड़े हो गए हैं तो चमेली के पत्तों को तोड़कर धोकर पीसकर पी जाएँ। ऐसा कुछ दिनों तक सेवन करने से पेट के कीड़े निकल जाते हैं।

2. मुँह के छाले दूर करें

यदि मुंह में छाले पड़ रहे हो तो चमेली की पत्तियों को पानी से धोकर धीरे-धीरे चबाएँ, इससे सारे छाले समाप्त हो जाएंगे।

3. बिवाई ठीक करें

पैरों में बिवाई होने पर यदि चमेली के पत्तों का रस फटी हुई एड़ियों में लगाएँ तो बिवाई ठीक हो जाती है।

चमेली के फूलों के लेप का औषधीय उपयोग

– कुछ चमेली के फूल लेकर उसका लेप बनाकर रख लें, इस लेप को लगाने से सिरदर्द ख़तम हो जाता है।

– चमेली के फूलों को पीसकर इसका लेप बना लें और इस लेप को दाद, खाज और खुजली जैसे त्वचा रोगों पर लगाने से आराम मिलता है।

ज़रूरी टिप्स

– ध्यान रहे आयुर्वेद के अनुसार औषधि के रूप में चमेली की केवल 10 ग्राम मात्रा का ही उपयोग करना चाहिए।

– चमेली के उपयोग से दिल और दिमाग हमेशा खुश रहता है और इसकी सुगन्ध दिमाग को शक्तिशाली बनाती है। लेकिन यह वात और लकवा, गठिया रोगी के लिए हानिकारक होता है। यहां तक कि कुछ लोगों को इससे एलर्जी भी हो सकती है। इसलिए दवा के रूप में इसका सेवन करने से पहले किसी डॉक्‍टर से सलाह अवश्य ले लें।