सेक्स सीक्रेट जो कुंवारों को अब तक नहीं पता

लेखक ब्रायन ओर्म कहते हैं कि मैं 41 साल का हूँ और दो दशक से ज़्यादा समय से विवाहित हूँ। बीते सालों में मैंने सेक्स सीक्रेट यानि इससे जुड़े भ्रम और ग़लतफ़हमियों पर काम किया है। अधिकतर ग़लतफ़हमियाँ शादी से पहले से होती हैं, और जिनका पता लगने में सालों बीत जाते हैं। अगर आज मैं ख़ुद को शादी से पहले सेक्स और इंटेमेसी की 10 टिप्स देता, तो वे यह होतीं –

सेक्स सीक्रेट जिन्हें आप नहीं जानते हैं

सेक्स सीक्रेट कुंवारों के लिए

1. सेक्शूअल इंटेमेसी टीवी या फ़िल्मों जैसी नहीं

आप सेक्स के बारे में जो जानते हैं वो अधिकतर आपने विज्ञापन, टीवी और फ़िल्मों से जाना होता है। दूसरे शब्दों में सेक्स रोमांस से भरा हुआ प्यार जताने का स्वैच्छिक और सच्चा होता है, जिसमें खिड़कियों में मोमबत्तियाँ जलती हैं और मधुर संगीत बजता है। सेक्शूअल इंटेमेसी इससे बिल्कुल अलग होती है। निराश मत हों – यह फ़िल्मों से अलग सही मगर समय के साथ और बेहतर होती जाती है।

2. ख़ुद को सम्भालों यारों, कितनी बार करोगे

आप सोचते हैं कि शादी के बाद हर पल और हफ़्ते में हज़ारों बार सेक्स करेंगे। आप अपने सपनों की दुनिया में जीना चाहिए, जितना आप जी सकते हैं। पर शादी के बाद सेक्स सीक्रेट तो ये है कि मज़े से ज़्यादा ज़िम्मेदारियाँ आ जाती हैं।

3. सेक्स शराब जैसा होता है

सेक्शूअल इंटेमेसी वह चीज़ है जिसमें आप बेहतर और बेहतर होते चले जाते हैं। जैसे शराब जितनी पुरानी हो, मज़ा उतना ही आता है। इसमें कम्यूनिकेशन, प्रैक्टिस और टाइम की ज़रूरत होती है। अभी अगर आप सोच रहे हैं कि आपमें सेक्स आइक्यू बहुत अधिक है तो आपको सब कुछ मालूम होने का भ्रम है।

4. सेक्स में पाना नहीं बल्कि देना भी होता है

क्या आप मुझ पर हँस रहे हैं? सेक्स में आप दोनों को देना पड़ता है। और देने से अच्छा कुछ नहीं होता है। हमेशा प्यार की चाहत अच्छी नहीं, कभी दूसरे की चाहत पूरी भी करनी चाहिए। सबसे बड़ा सेक्स सीक्रेट यह है कि सेक्शूअल इंटेमेसी में त्याग और सेवा भावना भी होनी चाहिए। अगर आप इस बात को समझ रहे हैं तो आप बेहतर पार्टनर साबित होंगे। किसी को देने में बहुत सुंदरता और रहस्य छुपे हुए हैं।

सेक्स सीक्रेट - त्याग की भावना

5. आदमी और औरत सेक्स के बारे में एक जैसा नहीं सोचते

आपके लिए प्यार में शारीरिक आकर्षण होता है, और यह बहुत दृश्य और तात्कालिक होता है। फिर भी आप इसके लिए बैठना चाहते हैं। लड़कियाँ और औरतें सेक्स को रिश्तों के रूप में देखती हैं, जिसमें सुरक्षा और अधिक से अधिक प्यार पाने का लक्ष्य होता है। आपके लिए सेक्स, एक लाइट स्विच है जिसमें डिमर नहीं है – आप पूरी तरह हर समय अधीर रहते हैं। जबकि लड़कियों और औरतों के लिए यह मद्धम आंच पर चढ़े पानी से भरे बर्तन की तरह होता है, जिसमें धीरे धीरे उबाल आता है। इससे आप दोनों ही निराश हताश रहते हैं। ठीक है, यह भगवान की उस डोर का हिस्सा है, जिससे वह आप दोनों को बांधता है।

6. सेक्स आप दोनों को पूरा नहीं करता है

आज आप सेक्स की आग को हवा देते हैं और दिन भर इसके बारे में सोचते हैं। आपको जानना पड़ेगा कि सेक्शूअल इंटेमेसी हर तरह से काल्पनिक, अविश्वनीय और संतोषजनक है, लेकिन यह कोई पूजनीय वस्तु नहीं है। आपको इन बातों को छोड़कर सेक्स के बारे में सही राय क़ायम करनी होगी। यह वह गिफ़्ट है जो भगवान ने हमें शादीशुदा जीवन का आनंद उठाने के लिए दिया है।

7. सेक्स चंचल और मौज मस्ती है

सेक्शूअल इंटेमेसी की कई एंजेल्स होती हैं, और आप उन सभी से परिचित नहीं हैं। आप सेक्स को एक दिशा में सोचते हैं, सिर्फ़ आनंद पाना। तो भी, की गयी सेक्शूअल इंटेमेसी एक तरह की असुरक्षा और प्रमाणिकता है, और जब आप किसी को बेइंतहाँ चाहते हैं तो आपको उससे कुछ छिपाना नहीं चाहिए, मेरा मतलब है कि कुछ भी छिपाना नहीं चाहिए – आपको अपना हर सेक्स सीक्रेट कह देना चाहिए।

सेक्स सीक्रेट - चंचलता

8. रोमांटिक होकर पीछे पड़ना

आपको मालूम होना चाहिए वह आपके शरीर को नहीं बल्कि आपको प्यार करती है। उसके मन की बात जानिए। उसके दिल की बात जानिए। उससे जुड़ी हर बात जानने की कोशिश कीजिए। ध्यान रखिए वो आपकी तरह सिर्फ़ सेक्स के बारे में नहीं सोचती है। आप सिर्फ़ उसकी बाहरी सुंदरता देखते हैं और वह आपकी दिल और आत्मा देखती है।

9. यह आपकी समझ से अधिक रहस्यमय है

एक बार फिर, आपके सेक्स के बारे में विचार बहुत सरल हैं। अभी तक आप शरीर में अटके हुए हैं, लेकिन भगवान ने सेक्शूअल इंटेमेसी को इससे भी जटिल रूप में डिज़ाइन किया है। इसे बताना और पूरी तरह समझना बहुत मुश्किल है, लेकिन सेक्स के समय कुछ मैजिकल होता है, कुछ ऐसा पारलौकिक जो आप दोनों की आत्माओं को जोड़ देता है। इस सेक्स सीक्रेट को आइंस्टाइन भी नहीं समझ पाए थे।

10. विवाह के बाद सेक्स ईश्वर की पूजा है

जब ईश्वर की पूजा की बात आती है तो आप उसे धर्म से जोड़ देते हैं। इसलिए अगर मैं कहूँ सेक्स पूजा है तो आप कहेंगे कि मैं कोई पागल हूँ। लेकिन जल्द ही आपके सामने के बड़ी पिक्चर आ जाएगी। यह आध्यत्मिक यात्रा का एक बिंदु है। आप अपने जीवनसाथी के साथ बेशर्मी भरा, अविचलित और मिलावट रहित सेक्स जब तक चाहे कर सकते हैं।