आजकल लोगों की ख़ास पसंद फ़ास्ट फ़ूड बनता जा रहा है। जिसके कारण लोग सबसे ज़्यादा मोटापे या एक्स्ट्रा फैट के शिकार होते जा रहे हैं। यह मोटापा या एक्स्ट्रा फैट सबसे ज़्यादा हमारे पेट, जांघ और हिप्स पर नज़र आता है। इस मोटापे से निजात पाने के लिए न जाने लोग क्या -क्या करते हैं लेकिन कुछ भी असर नहीं होता है। क्योंकि एक बार पेट बढ़ जाने के बाद उसे कम करना बहुत मुश्किल होता है। लेकिन योग में हर समस्या का इलाज है। इसीलिए आज हम भी आपको पेट की चर्बी को कम करने वाले बेस्ट 5 योग आसनों के बारे में बताने जा रहे हैं…

पेट की चर्बी कम करना

इन योगासनों से करें पेट की चर्बी को कम

1. चक्‍की चलनासन

– समतल ज़मीन पर दरी या चटाई बिछाकर बैठ जाइए।
– अब अपने दोनों पैरों को आपस में सटा कर सामने की ओर फैलाएं।
– फिर अपने दोनों हाथों को आपस में मिलाकर पकड़ लें।
– अब दोनों हाथों को 5 से 6 बार घड़ी की दिशा में घुमाएं।
– फिर कुछ देर रूककर घड़ी की विपरीत दिशा में घुमाएं।
– फिर रिलैक्स हो जाएं।

चक्‍की चलनासन के लाभ

अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं तो रोज़ाना चक्की चलनासन का अभ्यास ज़रूर करें। इससे कुछ ही दिनों में फर्क नज़र आने लगेगा।

2. बालासन

– सबसे पहले आसान बिछाइए।
– फिर दोनों घुटने के बल जमीन पर बैठ जाइए।
– अब आपके शरीर का सारा भार आपकी पैरों की एड़ियों पर होना चाहिए।
– एक लम्बी गहरी सांस लेते हुए शरीर को आगे की ओर झुकाएं।
– इस मुद्रा में आपका सीना जांघों को और माथा फर्श को छूएगा।
– कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रहे और फिर सामान्य स्तिथि में आ जाइए।

बालासन के लाभ

बालासन के नियमित अभ्यास से पेट की सूजन और पेट की चर्बी दोनों कम होती है।

3. धनुरासन

– सबसे पहले ज़मीन पर आसन बिछा लें।
– फिर पेट के बल लेट जाइए।
– अब पैरों को धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठाते हुए सिर की तरफ़ मोड़ें।
– फिर अपने दोनों हाथों से दोनों पैरों को एड़ी के पास से पकड़ लीजिए।
– अब हाथों पर जोर देकर पैरों को खींचते हुए अपने सिर, छाती तथा जांघों को जितना हो सके उतना ऊपर उठाने का प्रयास करें।
– अब कुछ सेकंड तक इस स्थिति में रहें।
– फिर सामान्य स्थिति में आ जाइए।

धनुरासन के लाभ

पेट को सपाट बनाने के लिए नियमित धनुरासन करें। धनुरासन के नियमित अभ्यास से कब्‍ज़, पीठ दर्द, पेट की सूजन, थकान और मासिक धर्म के समय होने वाली समस्याएं दूर हो जाती है। साथ ही शरीर में रक्त का संचार अच्छे से होता है।

4. चक्रासन

– समतल जगह पर दरी या चटाई बिछाएं।
– पीठ के बल सीधे लेट जाएं।
– अब दोनों घुटनों से पैरों को मोड़ते हुए ऊपर की तरफ़ उठाएं और तलवों को जमीन पर जमा लें।
– अपने दोनों पैरों के बीच लगभग डेढ़ फीट का अंतर रखें।
– दोनों हाथ मस्तक की तरफ उठाकर पीछे की ओर दोनों हथेलियों को ज़मीन पर जमाएं।
– दोनों हथेलियों के बीच करीब डेढ़ फीट का अन्तर रखें।
– अब पैर और हाथ के सहारे धीरे धीरे कमर, पेट और छाती को ऊपर की ओर उठाएं।
– शरीर को ऊपर उठाते समय सांस रोककर रखें।
– अब शरीर की क्षमता के अनुसार 15 सेकण्ड तक रुकने का प्रयास करें।
– अंत में शरीर को नीचे लाकर पहले की तरह पीठ के बल लेट जाएं।

चक्रासन के लाभ

चक्रासन करने से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और शरीर लचीला बनता है। इसके अभ्यास से पेट की अतिरिक्त चर्बी को कम करने में भी मदद मिलती हैं।

5. पश्चिमोत्‍तनासन

– समतल ज़मीन पर आसन बिछाकर सीधे बैठ जाएं।
– फिर अपने दोनों हाथों को ऊपर की उठाएं।
– फिर दोनों हाथों को आगे की ओर झुकाते हुए दोनों हाथों से दोनों पैरों को छूने की कोशिश करें।
– अब 10 सेकंड तक इसी मुद्रा में बने रहें।
– अब अंत में सामान्य स्थिति में आ जाइए।

पश्चिमोत्‍तनासन के लाभ

इस आसन को करते समय आपके पेट पर दबाव पड़ता है, जिससे पेट की चर्बी कम होती है।

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