बबूल के गोंद के फायदे

बबूल के गोंद के फायदे

बबूल या नीम के तने में कहीं पर भी काट देने या चीरा लगाने से जो पदार्थ निकलता है और सूखने पर यह भूरे रंग का कड़ा पदार्थ बन जाता है उसे गोंद कहते है। यह शीतल, पौष्टिक और औषधीय गुणों से परिपूर्ण होता है इसीलिए इसका उपयोग कई दवाइयों को बनाने में भी किया जाता है। इसके अलावा गोंद से मिठाई भी तैयार की जाती है जो हेल्दी और पौष्टिक होती है। गोंद में कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, चीनी और नमी पाई जाती है। बबूल के गोंद को अंग्रेज़ी में Acacia Gum कहते हैं। आज हम भी आपको बबूल के गोंद के फायदे बताने जा रहे हैं…

बबूल के गोंद के फायदे

बबूल के गोंद के फायदे – कीकर के गोंद के फायदे

Babul Ke Gond Ke Fayde – Acacia Gum Benefits

कीकर या बबूल का गोंद पौष्टिक होता है। इसकी तासीर ठंडी होती है इसीलिए यह खांसी, लिकोरिया, पेचिश, मूत्राघात, मूत्रकृच्छ आदि में बहुत उपयोगी है। यह सीने के दर्द को समाप्त करता है। इसका सेवन हड्डियों, आंतो और अमाशय को मज़बूत बनाता है। यह जलन को दूर करने वाला, घाव को भरने वाला, रक्त का शोधन करने वाला है।

1. मासिक धर्म

मासिक धर्म की पीड़ा या दर्द से परेशान महिलाएं 150 ग्राम बबूल का गोंद कढ़ाही में भूनकर पीसकर बारीक़ चूर्ण बना लें। फिर रोज़ाना 15 दिन तक 10 ग्राम की मात्रा में गोंद के चूर्ण को मिश्री के साथ सेवन करें। इससे मासिक धर्म का दर्द कम हो जाता है और मासिक धर्म नियमित रूप से और समय से आने लगता है।

2. मुंह के छाले

मुंह में छाले होने पर थोड़ा गोंद का टुकड़ा मुंह में डालकर चूसें। इससे मुंह के छाले दूर हो जाते हैं।

3. मधुमेह रोग

रोज़ाना दिन में 3 बार 4 ग्राम बबूल के गोंद का चूर्ण पानी के साथ या गाय के दूध के साथ सेवन करने से मधुमेह रोग में लाभ मिलता है।

4. जले हुए भाग पर

थोड़े से बबूल के गोंद को पानी में घोल लीजिए। फिर इसे शरीर के जले हुए भाग पर लगाएं। इससे जले हुए भाग की जलन कम हो जाती है।

5. खांसी

थोड़ा बबूल का गोंद मुंह में रखकर धीरे धीरे चूसने से खांसी ठीक हो जाती है।

बबूल का गोंद

6. आमाशय का घाव

बबूल या कीकर का गोंद पानी में घोलकर पीने से आमाशय और आंतों का घाव ठीक हो जाता है। साथ ही इसके सेवन से अमाशय और आंत भी मज़बूत होती है।

7. प्रसव से हुई कमज़ोरी

महिलाओं के लिए गोंद का सेवन बहुत ही फ़ायदेमंद है। यह बच्चा जन्म देने वाली माँ को बच्चा पैदा होने के बाद शारीरिक कमज़ोरी को दूर करने के लिए खिलाया जाता है।

8. लू से बचाव

गर्मियों के मौसम में थोड़े से गोंद को पानी में घोलकर पिएं तो आप लू से बचे रहेंगे।

9. मूत्र रोग

पेशाब में जलन होना या पेशाब रुक रुक कर आने में गोंद का नियमित रूप से सेवन बहुत फ़ायदेमंद साबित होता है।

10. वीर्य की कमी

पुरुषों के लिए बबूल का गोंद बहुत ही फ़ायदेमंद है, इसके सेवन से वीर्य की कमी की समस्या दूर होती है और पौरुष बढ़ता है।
बबूल के गोंद या कीकर के गोंद के सेवन से चुस्ती, फुर्ती और ताज़गी भी बनी रहती है।

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