बेल के पत्ते के फायदे और उपयोग

Bael ke patte ke fayde– आयुर्वेद में बेल के फल की तरह बेल के पत्ते का उपयोग कई दवाइयों को बनाने में किया जाता है। बेल का पत्ता अपच, गैस की समस्या, नपुंसकता, दमा रोग, एसिडिटी, कृमि नाशक, ज्वर, त्रिदोष (वात, पित और कफ) विकार आदि को दूर करने वाला तथा आपको एक हेल्दी लाइफ प्रदान करने वाला है। इसीलिए आज हम भी आपको बेल के पत्ते के फायदे बताने जा रहे हैं…

बेल के पत्ते और फल

बेल के पत्ते के फायदे एवं उपयोग

Bael ke Patte ke Fayde aur Upyog

1. ज्वर

जब कभी आपको बुखार या ज्वर आ जाए तो बेल की पत्तियों को 1 से 2 गिलास पानी में अच्छे से पकाकर काढ़ा बना लें और फिर इस काढ़े को पी जाएं। ऐसा करने से आपका बुखार ठीक हो जाएगा।

2. हार्ट प्रॉब्लम

बेल के पत्तों का काढ़ा बनाकर रोजाना पीने से आपका हृदय हमेशा मजबूत रहेगा और हार्ट अटैक का खतरा भी कम रहेगा।

3. मुँह में छाले

जब कभी मुंह में छाले हो जाएं, तो बेल की पत्तियों को मुंह में रखकर चबाते रहें। इससे छाले धीरे धीरे समाप्त हो जाएंगे।

4. अपच की समस्या

अपच की समस्या होने पर थोड़े से बेल के पत्ते, थोड़ा सेंधा नमक व थोड़ा कालीमिर्च पीसकर कुछ दिनों तक सेवन करें। इससे अपच की समस्या दूर होती है।

5. मधुमेह रोग

20 बेल के पत्ते, 20 नीम के पत्ते व 10 तुलसी के पत्तों को एक साथ पीसकर छोटी छोटी गोली बनाकर सुखा लें। अब रोज सुबह एक गोली का सेवन करें। इससे मधुमेह रोग में बेहद लाभ मिलता है

6. संधिवात या गुठनों का दर्द

संधिवात या गुठनों का दर्द होने पर बेल के पत्ते गर्म करके दर्द वाली जगह बाँधने से सूजन व दर्द में राहत मिलती है।

7. कमजोरी

बेल के पत्तियों की चाय बनाकर इसमें थोड़ा जीरा पाउडर और दूध मिलाएं, इसे पीने से शारीरिक कमजोरी दूर होती है।

8. नपुंसकता का इलाज

यौन विकार को दूर करने के लिए बेल के पत्ते के रस में थोड़ा शहद मिलाकर लिंग पर 40 दिनों तक लेप करें। इससे नपुंसकता समाप्त होती है।

9. गैस की समस्या

पेट में गैस की समस्या होने पर थोड़े से बेल के पत्ते व हरसिंगार के पत्तों को 1 गिलास पानी में उबाल लें। फिर इसमें स्वादानुसार थोड़ा काला नमक मिलाकर पी जाएं। इससे गैस की समस्या दूर हो जाती है।

10. शारीरिक दुर्गंध

बेल के पत्तों को पानी में डालकर स्नान करने से शारीरिक दुर्गंध नहीं आती है। इस बेल के पत्ते के फायदे से आपके डियोड्रेंट का खर्चा बच जाएगा।

11. सर्दी, खांसी व जुकाम

अक्सर लोग बरसात के मौसम में सर्दी, खांसी, ज़ुखाम और बुखार से परेशान रहते हैं। ऐसे में 2 चम्मच बेल के पत्तियों के रस में थोड़ा शहद मिलाकर सेवन करने से सर्दी, खांसी व जुकाम से राहत मिलता है।

12. दमा रोग

दमा या अस्थमा रोगी के लिए बेल के पत्तों का काढ़ा लाभकारी है।

13. एसीडिटी

एसिडिटी होने पर बेल के पत्तियों के रस में थोड़ी मिश्री मिलाकर पिएं। इससे एसिडिटी में आराम मिलता है।

14. पेट के कीड़े

पेट के कीड़ों को नष्ट करने के लिए कुछ दिनों तक बेल के पत्तियों का रस पिएं।

15. पेट की जलन

50 ग्राम बेल के पत्तों के रस में 5 ग्राम सेंधा नमक और 5 ग्राम कालीमिर्च चूर्ण मिलाकर सेवन करने से पेट की जलन शांत हो जाती है।

16. आँखों का मोतियाबिंद

बेल के पत्ते में थोड़ा देशी घी लगाकर सेक लें। फिर इसे ठंडा करके आँखों पर रखें। इस उपचार से आँखों का मोतियाबिंद व आँखों के अन्य रोग ठीक हो जाता है। आंखों की थकान दूर करने के उपाय जानिए।

17. पीलिया

बेल के पत्तों के रस में एक चुटकी कालीमिर्च चूर्ण मिलाकर पीने से पीलिया रोग धीरे धीरे ठीक होने लगता है।

18. उल्टी

बेल के पत्तों को थोड़े से सोंठ और 1 गिलास पानी के साथ पकाकर काढ़ा बनाकर पीने से उल्टी बंद हो जाती है।

19. नकसीर

बेल के पत्ते के रस को पानी में मिलाकर पीने से नकसीर ठीक हो जाता है।

20. कोलेस्ट्रॉल

बेल की ताजा पत्तियों को कूटकर रस निकाल कर रोज सुबह पीने से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रहता है।
इस प्रकार आपने बेल के पत्ते के फायदे जानें, इस जानकारी को आप कभी भी आवश्यकता होने पर उपयोग कर पाएंगे।